वित्त मंत्रालय अपनी मध्यावधि समीक्षा में चालू वित्तवर्ष के लिए आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 5.7 से 6 फीसदी कर सकता है। समीक्षा रिपोर्ट अगले महीने संसद में पेश की जाएगी। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, वित्तमंत्री पी. चिदंबरम दिसंबर मध्य तक संसद में मध्यावधि समीक्षा पेश करेंगे। इसमें निश्चित रूप से विकास दर और वित्तीय घाटे के पूर्वानुमान को संशोधित किया जाएगा।
2012-13 के लिए बजट में तत्कालीन वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने जीडीपी के 7.6 फीसदी के आसपास रहने का पूर्वानुमान जताया था। चालू वित्तवर्ष के लिए विकास दर का पूर्वानुमान बेहतर था। वर्ष के दौरान हो रहे आर्थिक हालातों में बदलाव के चलते में इसमें संशोधन करना पड़ा है। अब यह 5.7 से 6 फीसदी के बीच रह सकती है।
हाल ही में रिजर्व बैंक ने अपनी मध्य छमाही मौद्रिक समीक्षा में चालू वित्तवर्ष के लिए आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को पहले के 6.5 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है। आरबीआई के मुताबिक, निवेश के खराब सेंटीमेंट और मांग घटने सहित कई ग्लोबल और घरेलू कारणों के चलते जीडीपी के पूर्वानुमान में संशोधन किया गया है।