घरेलू कंपनी माइक्रोमैक्स सैमसंग को पछाड़ कर देश में स्मार्टफोन बेचने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। रिसर्च फर्म कैनालिस ने यह दावा किया है।
हालांकि कोरियाई कंपनी सैमसंग का कहना है कि वह अब भी शीर्ष पर है। माइक्रोमैक्स ने अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में आयात के लिहाज से भारत के स्मार्टफोन बाजार में 22 फीसदी बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा किया है।
कैनालिस की रिपोर्ट के अनुसार 20 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ सैमसंग दूसरे स्थान पहुंच गई है। हालांकि सैमसंग ने कैनालिस की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा है कि जीएफके के आंकड़ों के तहत उसके पास भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 34.3 हिस्सेदारी है।
सैमसंग का दावा है कि जीएफके के आंकड़े वास्तविक बिक्री के आंकड़ों पर आधारित हैं। सैमसंग ने कहा है कि मार्केट रिसर्च कंपनी जीएफके बिक्री के वास्तविक आंकड़े देती है, जिससे इंडस्ट्री इसे प्राथमिकता देती है।
सैमसंग इंडिया के वीपी, मार्केटिंग (मोबाइल बिजनेस) असीम वारसी ने कहा कि हम कैनालिस से सहमत नही हैं। हम उसके आंकड़ों की सटीकता को लेकर निश्चित नहीं हैं।
कैनालिस के आंकड़े आयात पर आधारित हैं जबकि जीएफके के आंकड़े बिक्री पर आधारित हैं। इसलिए इंडस्ट्री जीएफके के आंकड़ों को प्राथमिकता देती है। सैमसंग का कहना है कि जीएफके के आंकड़े ज्यादा वैज्ञानिक हैं ओर इनसे खुदरा बिक्री परिलक्षित होती है।
वहीं कैनालिस ने कहा है कि माइक्रोमैक्स भारत के स्मार्टफोन बाजार में पहले स्थान पर काबिज होने वाली पहली घरेलू कंपनी बन गई और माइक्रोमैक्स ने सैमसंग को दूसरे स्थान पर ढकेल दिया है। भारत स्मार्टफोन का दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। पिछली कुछ तिमाही के दौरान सैमसंग ने घरेलू कंपनियों जैसे माइक्रोमैक्स, लावा, कार्बन के अलावा वैश्विक कंपनियों मोटोरोला और श्याओमी के हाथों बाजार हिस्सेदारी गंवाई है।