सूबे में मेट्रो चलाने के लिए यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन बनेगा। इसका मुख्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को बनाया जाएगा। कॉर्पोरेशन तय करेगा कि मेट्रो के लिए फंड की व्यवस्था कैसे की जाए।
वरिष्ठ अधिकारी के जिम्मे होगा कि लखनऊ के अलावा अन्य शहरों में मेट्रो किस मॉडल पर चलाया जाए। मेट्रो चलाने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल का सहारा लिया जाए, केंद्र से या अन्य सहयोग से इसका संचालन किया जाए।
यूपी के प्रमुख सचिव आवास प्रवीर कुमार ने बताया कि मेट्रो के लिए फंडिंग की व्यवस्था के लिए कॉर्पोरेशन बनाया जा सकता है। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बंगलूरू, मुंबई, हैदराबाद तथा दिल्ली लिंक मार्ग पर मेट्रो अलग-अलग मॉडल पर चल रही है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) मॉडल पर पूरा खर्च सरकार करती है। मुंबई और हैदराबाद में बिल्ट ऑपरेट सिस्टम पर मेट्रो चलाई जा रही है। बिल्ट ऑपरेट सिस्टम के लिए प्राइवेट ऑपरेटर का चयन किया जाता है। निर्माण लागत का खर्च ऑपरेटर उठाता है।
इसमें सरकार और ऑपरेटर के बीच करार होता है। इसके एवज में ऑपरेटर मेट्रो के संचालन से होने वाले मुनाफे का कुछ हिस्सा सरकार को देता है, बाकी खुद रखता है। दिल्ली में एयरपोर्ट लिंक मार्ग पर मेट्रो पीपीपी मॉडल पर चल रही है।
पीपीपी मॉडल में सरकार और निजी पार्टनर की हिस्सेदारी से योजना को अमली जामा पहनाया जाता है। लखनऊ के लिए कौन सा मॉडल अपनाया जाए, इसे तय किया जाना अभी बाकी है।