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पीएम को विश्वास, हासिल कर लेंगे 8 फीसदी विकास दर

Wed, 03 Apr 2013 11:12 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि देश की विकास दर को 8 फीसदी पर लाने के लिए कोशिशें जारी हैं और इसमें कामयाबी जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि 5 फीसदी की मौजूदा विकास दर को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके लिए सरकार विदेशी निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाने, राजकोषीय घाटे पर अंकुश लगाने और बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूर करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है।
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प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि देश में निवेश बढ़ाने और उद्योगों की राह आसान करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिनका असर निकट भविष्य में नजर आएगा। विकास दर को बढ़ाने के लिए उद्योगों की भागीदारी भी जरूरी है। अर्थव्यवस्था में आई मौजूदा गिरावट अस्थायी है और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के जरिए हम फिर से ऊंची विकास दर हासिल कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि निवेश संबंधी कैबिनेट कमेटी (सीसीआई) अगले दो हफ्ते में 31 तेल एवं गैस ब्लॉक को मंजूरी दे सकती है। इन लंबित परियोजनाओं को हरी झंडी मिलने से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने माना कि अर्थव्यवस्था में गिरावट से उद्योगों में निराशा का माहौल है। निर्यात में कमी और बढ़ते चालू खाता घाटा (सीएडी) की समस्या से निपटना जरूरी है।
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मनमोहन ने उम्मीद जताई कि चालू वित्त वर्ष में सीएडी 5 फीसदी के नीचे आ सकता है। उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने के कई और उपाय भी करने होंगे। भूमि अधिग्रहण बिल को जल्द संसद में पेश किया जाएगा। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि गठबंधन की सरकार चलाना आसान नहीं है। उन्होंने नौकरशाही में भ्रष्टाचार की समस्या की बात भी कही।
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क्या खास बोले मनमोहन
1. विकास दर गिरकर 5 फीसदी रह जाने पर जताई चिंता, लेकिन कहा-पा लेंगे 8 फीसदी का लक्ष्य
2. 2007 में कारोबारी माहौल जरूरत से ज्यादा आशावादी था, अब जरूरत से ज्यादा निराशावादी है
3. वैश्विक कारणों के चलते अर्थव्यवस्था में आई गिरावट अस्थायी है, हमें सुधार के कदम उठाने होंगे
4. चालू खाते के घाटे पर अंकुश लगाने बड़ी चुनौती, इस वित्त वर्ष में भी यह जीडीपी के 5 फीसदी तक रह सकता है
5. निवेश बढ़ाने के लिए एफडीआई नीति की हो रही है समीक्षा
6. भूमि अधिग्रहण बिल जल्द संसद में पेश किया जाएगा
7. भ्रष्टाचार और नौकरशाही की जड़ता की समस्या है
                                                                            
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