एक जनवरी से कैश सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सभी संबंधित मंत्रालयों को इसमें सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार देर शाम सहयोगी मंत्रियों के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री ने गरीब लोगों के बैंकों में खाते खुलवाने की प्रक्रिया आसान बनाने पर भी जोर दिया।
मनमोहन सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए सरकार के कार्यान्वयन की क्षमता का परीक्षण हो सकेगा। बैठक में उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के लिए वित्त मंत्रालय और यूआईडी प्राधिकरण से तालमेल के साथ काम करने को भी कहा।
पीएम ने कहा कि ग्रामीण आबादी तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए बैंकिंग के साथ-साथ पोस्ट ऑफिस नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है। यह भी ध्यान रखना होगा कि बैंक खाता खोलने, नकद जमा और निकासी में जरूरतमंदों को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। लाभार्थियों तक सीधे नकद हस्तांतरण की सुविधा शुरू करने का उद्देश्य पेंशन, छात्रवृत्ति आदि का पैसा बिना किसी देरी और घपले के लाभार्थियों तक पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण की सुविधा देशभर में आधुनिक बैंकिंग के विस्तार से संभव हो सकी है। इसके जरिए सरकार की ओर से खर्च किए जा रहे प्रत्येक रुपये को पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। मनमोहन ने कहा कि यूआईडी प्राधधिकरण को यह ध्यान रखना होगा कि आधार पंजीकरण से देश का कोई भी व्यक्ति नहीं छूट सके।
मालूम हो कि सरकार ने अगले साल 1 जनवरी से देश के 51 जिलों और अप्रैल से 18 राज्यों में आधार के जरिए बैंक खाते में सीधे नकद हस्तांतरण की योजना शुरू करने का ऐलान किया है। बैठक में कई कैबिनेट मंत्रियों के अलावा योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, यूआईडी प्राधिकरण के चेयरमैन नंदन नीलेकणी और कैबिनेट सचिव भी बैठक में शामिल हुए।