किंगफिशर एयरलाइन को पूरी तरह बंद करने के लिए अदालत जाने की कर्मचारियों की चेतावनी के बाद एयरलाइंस के चेयरमैन विजय माल्या ने पत्र लिखकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। कर्मचारियों को लिखे पत्र में माल्या ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि कंपनी को फिर से शुरू करने के लिए प्रबंधन हर संभव प्रयास कर रहा है। पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित कर्मचारियों ने बुधवार को एयरलाइन को पूरी तरह बंद करने के लिए अदालत जाने की धमकी दी थी।
पत्र में विजय माल्या ने कर्मचारियों से मीडिया के साथ बातचीत में सतर्क रहने को भी कहा है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि वह किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ नकारात्मक खबरें दे रहा है। किंगफिशर कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर प्रबंधन कंपनी को फिर से शुरू की योजना को उनके साथ साझा नहीं करता है, तो वह कंपनी कानून के तहत एयरलाइंस को बंद करने की याचिका अदालत में दायर करेंगे। कर्मचारियों को पिछले आठ महीने से वेतन नहीं मिला है।
माल्या ने अपने पत्र में कर्मचारियों से कहा है कि हमने डीजीसीए को कंपनी फिर से शुरू करने के बारे में विस्तृत योजना दो हिस्सों में दी है। पहले हिस्से में सात विमानों की सीमित संख्या के साथ परिचालन शुरू करने की योजना है, जिसे चार महीने में बढ़ाकर 21 तक किया जाएगा। दूसरे भाग में एयरलाइन को पूरी तरह से परिचालन में लाने की योजना है। इसके तहत वित्तपोषण के 12 महीने के भीतर विमानों के परिचालन की संख्या बढ़ाकर 57 किया जाएगा।
हालांकि, पत्र में कर्मचारियों का बकाया वेतन देने के बारे में कोई उल्लेख नहीं हैं। लेकिन इसमें कहा गया है कि दोनों योजनाओं में वित्तपोषण समेत कर्मचारियों का बकाया वेतन के भुगतान समेत विस्तृत जानकारी दी गई है। किंगफिशर ने अपने कर्मचारियों को पिछले साल मई से भुगतान नहीं किया है। किंगफिशर प्रबंधन ने कर्मचारियों को जून तक के बकाए का भुगतान पिछले साल दिसंबर तक करने का वादा किया था। हालांकि कंपनी समयसीमा का पालन करने में नाकाम रही।