सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया द्वारा इरादतन डिफाल्टर (जानबूझ कर कर्ज न चुकाने वाला) घोषित किए गए यूबी ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या ने बैंक के कदम को नामंजूर करते हुए इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाने की बात कही है।
माल्या ने यूनाइटेड ब्रेवरेज की सालाना आम बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि हमें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। हम उनकी कार्रवाई से सहमत नहीं हैं और हम इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
सोमवार को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने विजय माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस के तीन निदेशकों को इरादतन डिफाल्टर घोषित कर दिया।
इरादतन डिफाल्टर घोषित की गई किंगफिशर एयरलाइंस और उसके निदेशक भविष्य में किसी भी बैंक से कर्ज नहीं ले पाएंगे। इन निदेशकों को कंपनी में अपनी निदेशक स्तर की जगह भी खोनी पड़ेगी और कर्ज की वसूली के लिए इनके खिलाफ जरूरत पड़ने पर आपराधिक मामला भी शुरू किया जा सकेगा।
बैंक के एक अधिकारी का कहना है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने बहुत सारे चालू खाता खुलवा कर उनमें पैसे डायवर्ट किए हैं। यूनाइटेड बैंक पहला सरकारी बैंक है जिसने विजय माल्या और किंगफिशयर एयरलाइंस के तीन निदेशकों के खिलाफ कुछ माह पहले इरादतन डिफाल्टर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसके बाद दूसरे बैंकों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने भी किंगफिशर एयरलाइंस को इरादतन डिफाल्टर घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की है।