सरकार ने कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस ने अपना परिचालन फिर से शुरू करने के लिए अभी तक कोई रिवाइवल प्लान नहीं दिया है। जबकि, बकाया वेतन का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा कि किंगफिशर को डीजीसीए को संतुष्ट करना होगा, ताकि वह अपना सुरक्षित परिचालन शुरू कर सके। इसके लिए उन्हें एक फाइनेंशियल रिवाइवल प्लान देना होगा। अभी तक माल्या ने ऐसा कोई प्लान नहीं दिया है।
उन्होंने कहा कि बकाया वेतन का भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों में भारी असंतोष है। कई कर्मचारी कंपनी छोड़ चुके हैं। इस बीच, कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वह माल्या के स्वामित्व वाली रॉयल चैलेंजर बंगलूरू (आरसीबी) के आईपीएल मैच में बाधा उत्पन्न करेंगे।
इस मसले पर क्या सरकार हस्तक्षेप करेगी, इस सवाल के जवाब में विमानन मंत्री ने कहा कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
कर्मचारियों और शेयरधारकों का बकाया चुकाने में विफल रहने पर किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। कंपनी के पास अपना परमिट रिन्यू कराने और उड़ानें शुरू करने के लिए दो साल का समय है।