योजना आयोग उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने विकास में पिछड़े राज्यों को उच्च विकास दर हासिल करने वाले राज्यों से सबक लेने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकारों को देश के विकसित राज्यों का दौरा कर अपनी योजनाएं तैयार करनी चाहिए। इससे उन्हें दूसरों से बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिल सकेगी।
तमाम राज्य योजना आयोग के साथ बैठक के बारे में चर्चा करते हुए मोंटेक ने कहा कि सभी राज्यों के काम करने का तरीका अलग-अलग है। कुछ राज्य काफी बेहतर कार्य करते हुए विकास के अच्छे उदाहरण पेश कर रहे हैं, लेकिन कुछ राज्य लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
योजना आयोग उपाध्यक्ष ने कहा कि राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक उनकी योजनाओं को सुनने का एक बेहतर मंच है। इस बैठक के जरिए केंद्र को यह मालूम चलता है कि राज्य सरकारें विकास संबंधी क्या कार्य कर रही हैं और कौन से कदम राज्य सरकारों ने अब तक नहीं उठाए हैं। हालांकि योजना आयोग की ओर से सभी राज्यों के सहयोग के लिए यथासंभव प्रयास किया जा रहा है।
दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि योजना आयोग सरकार के भारी -भरकम सब्सिडी बोझ को जल्द कम करने पक्ष में है। योजना आयोग खाद पर हमेशा ही पोषक तत्व आधारित सब्सिडी के पक्ष में रहा है। इसके लिए विभिन्न तरह की फसलों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बनी रहती है। उन्होंने राजकोषीय घाटे को संतुलित करने के लिए अन्य सब्सिडी बोझ कम करने की जरूरत पर भी बल दिया।