सरकार ने लखनऊ समेत देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है। नागर विमानन मंत्रालय ने इन हवाई अड्डों को ठेके पर देने की तैयारी शुरू कर दी है।
जल्द ही इसके लिए निविदाएं मंगाई जाएंगी। लखनऊ के अलावा सरकार चेन्नई, गुवाहाटी, जोधपुर, अहमदाबाद और कोलकाता हवाई अड्डों को निजी कंपनियों के हवाले करेगी। इन हवाई अड्डों को सरकार ने भारी निवेश के बाद विकसित किया है।
नागर विमानन मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सरकार इन 6 हवाई अड्डों के परिचालन की 100 फीसदी हिस्सेदारी निजी क्षेत्रों को देने को तैयार है। इन्हें 30 साल के ठेके पर देने की योजना है।
मंत्रालय इसकी शर्तें तय करने में जुटा है। अगले सप्ताह तक निविदाएं मंगाई जा सकती है। हवाई अड्डों की कमाई में सरकारी की कितनी हिस्सेदारी होगी, फिलहाल तय नहीं हुआ है।
निजी क्षेत्र के सहयोग के विकसित हुए दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जरिए सरकारी हिस्सेदारी है। अगर निजी क्षेत्र ने दिलचस्पी दिखाई, तो संचालन में 100 फीसदी निजी हिस्सेदारी दी जा सकती है।
उधर, हाईवे समेत कई क्षेत्रों में निजी भागीदारी की योजनाएं नाकाम होने के बाद योजना आयोग पीपीपी मॉडल पर नए सिरे से विचार रहा है।