जिसे देखते हुए चालू वित्त वर्ष में विकास दर 5.५ फीसदी के बीच रह सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2013-14 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह बात कही है। रिजर्व बैंक के अनुसार कम बारिश ग्रोथ, महंगाई, राजकोषीय और व्यापार घाटे पर बहुत ज्यादा असर नहीं डालेगी।
चालू वित्त वर्ष में 5.५ फीसदी विकास दर की उम्मीदबृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार मध्य जुलाई में देश के प्रमुख हिस्सों में हुई बारिश से सूखे की संभावना बहुत कम रह गई है। हालांकि कम बारिश देश में बिजली के संकट को बढ़ा सकती है। आरबीआई का मानना है कि खाने-पीने की चीजों की महंगाई में बढ़ोतरी स्थायी नहीं है.
टमाटर और अन्य चीजों की कीमतों में कमी दिखने लगी है। साथ ही आरबीआई ने यह भी कहा है कि वह जनवरी 2015 तक रिटेल महंगाई दर को 8 फीसदी और साल 2016 फीसदी तक 6 फीसदी लाने के अपने लक्ष्य को बरकरार रखेगा।