चीन की पीसी व स्मार्टफोन निर्माता लेनोवो अमेरिकी कंपनी गूगल इंक से मोटोरोला हैंडसेट कारोबार को 2.91 अरब डॉलर में खरीदेगी।
पीसी मार्केट में अपना दबदबा रखने वाली लेनोवो को इस समझौते से स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लेनोवो को उत्तरी अमेरिका और लैटिन अमेरिका में एक बड़ा बाजार हासिल होगा। वहीं, भारत जैसे इमर्जिंग देशों के स्मार्टफोन बाजार में भी प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है।
दूसरी ओर, इस करार के साथ ही गूगल के कंज्यूमर मोबाइल डिवाइसेज बिजनेस का अंत हो गया। गूगल ने 2012 मोटोरोला मोबिलिटी का 12.5 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि लेनोवो के इस समझौते से एप्पल और सैमसंग को आने वाले दिनों में स्मार्टफोन बाजार में कड़ी टक्कर मिलेगी।
लेनोवो के चेयरमैन एवं सीईओ यांग युआनकिंग का कहना है कि इस समझौते से कंपनी स्मार्टफोन बाजार में वैश्विक स्तर पर एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बनकर उभरेगी।
वहीं, गूगल के सीईओ लैरी पेग का कहना है कि एंड्रायड बाजार में इनोवेटिव प्रोडक्ट लाने में हम अपनी कुशलता का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, इस समझौते के बाद भी गूगल के पास मोटोरोला मोबिलिटी के अधिकांश पेटेंट पोर्टफोलियो का स्वामित्व बना रहेगा।
लेनोवो मोटोरोला के अधिग्रहण के तहत गूगल को करीब 2.91 अरब डॉलर का भुगतान करेगी। इसमें 1.41 अरब डॉलर का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा, जिसमें 66 करोड़ डॉलर नकद भुगतान और लेनोवो में 75 करोड़ डॉलर मूल्य के आर्डिनरी शेयर का हस्तांतरण शामिल है। शेष 1.50 अरब डॉलर का भुगतान तीन साल में किया जाएगा।
लेनोवो ने 2005 में आईबीएम के पीसी कारोबार का अधिग्रहण किया था। मोटोरोला मोबिलिटी के अधिग्रहण के साथ ही लेनोवो का मोटोरोला ब्रांड और मोटोरोला मोबिलिटी के मोटो-एक्स व मोटो-जी जैसे इनोवेटिव स्मार्टफोन के पोर्टफोलियो पर स्वामित्व हो जाएगा। मोटोरोला के मौजूदा प्रोडक्ट्स के अलावा लेनोवो भविष्य में मोटोरोला मोबिलिटी के रोडमैप प्रोडक्ट का भी स्वामित्व हासिल करेगी।