छोटे निवेशकों के बीच कभी बेहद लोकप्रिय रहा निवेश का माध्यम किसान विकास पत्र (केवीपी) एक बार फिर से डाकघरों में मिलेगा। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली आज इसे जारी कर रहे हैं। इस अवसर पर संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी उपस्थित रहेंगे।
वित्त मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार नए रूप में किसान विकास पत्र 1,000, 5,000, 10,000 और 50,000 रुपये के मूल्य वर्ग में उपलब्ध होगा। इसे अकेले या संयुक्त नाम से खरीदा जा सकेगा। किसान विकास पत्र में ढाई साल का लॉक इन पीरियड रखा गया है, जबकि यह 100 महीने (आठ साल चार महीने) में परिपक्व (मेच्योर) होगा। परिपक्वता पर निवेशकों को दोगुनी रकम मिलेगी।
अपने पुराने रूप में किसान विकास पत्र साढ़े पांच साल में ही परिपक्व हो जाता था और निवेश की गई रकम की दोगुनी राशि मिलती थी। पहली बार इसे 1 अप्रैल 1988 को जारी किया गया था, लेकिन कालांतर में इसे बंद कर दिया गया था। इस वर्ष के बजट में इसे फिर से जारी करने की घोषणा की गई थी।