पिछले छह महीने से बंद किंगफिशर एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें बहाल करने के लिए विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशक को नया रिवाइवल प्लान सौंप दिया है।
प्लान के मुताबिक, परिचालन शुरू करने के लिए शुरुआती फंडिंग यूबी ग्रुप से आएगी। एयरलाइंस को यूबी ग्रुप से करीब 650 करोड़ रुपये की मदद मिलने का भरोसा है।
बुधवार को एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संजय अग्रवाल ने नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) अरुण मिश्रा से मिलकर उन्हें रिवाइवल प्लान दिया।
बैठक के बाद अग्रवाल ने कहा कि हमने फंडिंग और ट्रैफिक प्लान की पूरी जानकारी दी है। कितने विमानों के साथ हम कब और कैसे उड़ानें शुरू करेंगे, इसका ब्यौरा दिया गया है।
इसके लिए शुरुआती फंडिंग यूबी ग्रुप से मिलेगी। उन्होंने डीजीसीए से एयरलाइंस के लाइसेंस को रिन्यू करने का अनुरोध किया है।
अग्रवाल का दावा है कि कंपनी ने जरूरी दस्तावेज और अनापत्ति प्रमाण-पत्र डीजीसीए को भेज दिए हैं, लेकिन इनका विवरण उन्होंने नहीं दिया है।
उधर, डीजीसीए के सूत्रों का कहना है कि किंगफिशर एयलाइंस ने उड़ानें शुरू करने के लिए अभी तक बैंकों से नो ऑबजेक्शन सर्टिफिकेट नहीं लिया है।
कंपनी को आयकर विभाग और एएआई से भी मंजूरी लेनी होगी। गत अक्तूबर में शुरू हुई हड़ताल के बाद डीजीसीए ने किंगफिशर का फ्लाइंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था, बाद में 31 दिसंबर को लाइसेंस की अवधि ही खत्म हो गई थी।
एयरलाइंस दो साल के अंदर लाइसेंस रिन्यू करा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार किंगफिशर शुरुआत में पांच ए-320 एयरबस और दो एटीआर विमानों के साथ सीमित उड़ानें शुरू करना चाहती है। इसके लिए डीजीसीए ने किंगफिशर के प्रमोटर्स से आर्थिक सहायता मुहैया कराने का लिखित आश्वासन मांगा था।