कर्ज के बोझ से दबी विजय माल्या के स्वामित्व वाली किंगफिशर एयरलाइंस का घाटा जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में बढ़कर 754 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जिससे कंपनी के भविष्य को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में किंगफिशर को 469 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
बीती तिमाही के दौरान कंपनी की आय में भी भारी गिरावट देखने को मिली और यह घटकर 200 करोड़ रुपये पर आ गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,553 करोड़ रुपये थी। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते परिचालन में बाधा आने और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा उसके लाइसेंस का निलंबित किए जाने की वजह से कंपनी की आमदनी प्रभावित हुई है।
बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी। देश में शराब के बडे़ कारोबारी विजय माल्या की किंगफिशर 2005 से अस्तित्व में आने के बाद से कभी भी लाभ में नहीं आई है।
कंपनी के ऊपर करीब ढाई अरब डालर का कर्ज है। किंगफिशर के ऋणदाताओं ने कंपनी को ताजा इक्विटी या निवेशक लाने के लिए इस माह तक का समय दिया हुआ है। कंपनी को सबसे अधिक ऋण भारतीय स्टेट बैंक ने दिया है।