नई नौकरियों के अवसर पैदा करने में भारत दुनिया में सबसे आगे रहेगा। यह बात अमेरिकन एक्सप्रेस और सीएफओ रिसर्च की एक साझा सर्वे रिपोर्ट में कही गई है। सर्वे में वित्तीय क्षेत्र के 78 फीसदी दिग्गजों ने भारत में अपने कारोबार में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जो कि नौकरियों के नए अवसर पैदा करने में सहायक साबित होगा।
सर्वे के मुताबिक भारत में जहां कारोबार और नौकरियों में बढ़ोतरी की संभावना मानने वाले प्रतिभागी 78 फीसदी रहे, वहीं अमेरिका में ऐसी संभावना देखने वालों का अनुपात 61 रहा, जबकि चीन में यह 51 फीसदी ही रहा। सर्वे के मुताबिक भारत में 29 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उनकी कंपनी में काम करने वाले लोगों की संख्या कंपनी की आय की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ी है। करीब 48 फीसदी ने इसमें दोगुनी बढ़ोतरी होने की बात कही। हालांकि सर्वे में शामिल 22 फीसदी प्रतिभागियों ने कुशल कर्मचारियों की कमी की बात भी कही।
सर्वे के मुताबिक एशिया और ऑस्ट्रेलिया में करीब 37 फीसदी एक्जीक्यूटिव ने रोजगार की संभावनाओं में बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई। इसके विपरीत 23 फीसदी प्रतिभागियों ने इसमें कमी आने की आशंका जताई। जापान में 29 फीसदी प्रतिभागियों ने नौकरियों में इजाफा होने की संभावना व्यक्त की है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया में 39 फीसदी और हांगकांग में 31 फीसदी प्रतिभागियों ने नौकरियों के अवसरों में कमी आने की बात कही।