जेट एयरवेज ने अगले तीन साल के अंदर घाटे से उबरने के लिए कमर कस ली है। अबू धाबी की ऐतिहाद एयरलाइंस को 24 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के बाद जेट अपनी कारोबारी रणनीति में फेरबदल करने जा रही है। घरेलू एयरलाइंस के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए इंटरनेशनल उड़ानों पर फोकस बढ़ाएगी। वर्ष 2013-14 में 4130 करोड़ रुपये का घाटा उठाने वाली जेट एयरवेज का इंटरनेशनल कारोबार अभी भी फायदे में है।
एविएशन में देश की पहली एफडीआई डील के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल और ऐतिहाद के प्रेसिडेंट जेम्स होगन ने इस साझेदारी की भावी योजनाओं का खाका पेश किया। नरेश गोयल ने वर्ष 2017 तक जेट एयरवेज के मुनाफे में आने की उम्मीद जताई है। इसके लिए ऐतिहाद के साथ मिलकर देश-विदेश में नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। दोनों कंपनियां एक-दूसरे के संसाधन और नेटवर्क का इस्तेमाल कर परिचालन लागत घटाएंगी। नुकसान की भरपाई के लिए जेट अपने सरप्लस एयरक्राफ्ट बेचने या लीज वापस करने की तैयारी कर रही है। गोयल का कहना है कि लोन रिस्ट्रक्चर कराने के लिए भी जेट की बैंकों के साथ बातचीत चल रही है।
ऐतिहाद के नेटवर्क से जुड़ेगा लखनऊ
जेट-ऐतिहाद साझेदारी का जोर टियर-2 व 3 शहरों से हवाई यात्रियों को ऐतिहाद के इंटरनेशनल नेटवर्क तक पहुंचाने पर है। इस साल के आखिर तक लखनऊ, अमृतसर, जयपुर और पटना जैसे शहर ऐतिहाद के नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। नरेश गोयल का कहना है कि ऐतिहाद के साथ आने से जेट की यूरोप, अमेरिका, चीन और ऑस्ट्रेलिया को नॉन-स्टॉप उड़ानों का रास्ता खुल गया है। खाड़ी और सार्क देशों को जल्द ही सीधी उड़ानें शुरू की जाएंगी।
क्रेमर बॉल जेट एयरवेज के नए सीईओ
जेट एयरवेज ने ऑस्ट्रेलिया केक्रेमर बॉल को नया सीईओ नियुक्त किया है। अभी इस नियुक्ति को नियामक मंजूरी मिलनी बाकी है। पिछले साल भर के अंदर जेट में कई सीईओ बदल चुके हैं। क्रेमर बॉल का कहना है कि वर्ष 2015 तक जेट के कारोबार में अंतरराष्टï्रीय उड़ानों की हिस्सेदारी 63 फीसदी तक पहुंच जाएगी, जो अभी 45 फीसदी है। बॉल ने जेट की घरेलू कारोबार रणनीति में व्यापक बदलाव के भी संकेत दिए हैं।