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तीन साल में भारत हासिल करे लेगा ये मुकाम

Thu, 16 Jan 2014 12:05 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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तीन साल के अंदर ही देश को संभालने वाले एक ऐसे मुकाम को भारत हासिल कर लेगा जिससे सभी को फायदा होगा।
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद अब वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने भी अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल का कारण वैश्विक परिस्थितियों को बताया है। हालांकि वित्त मंत्री को यह भी उम्मीद है कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से अर्थव्यवस्था जल्द ही रफ्तार पकड़ लेगी।

उनके अनुसार अगले तीन साल में एक बार फिर देश उच्च विकास दर हासिल कर लेगा। चिदंबरम का मानना है कि वित्त वर्ष 2012-13 के लिए विकास दर के संशोधित अनुमान पहले के अनुमान से बेहतर होंगे।
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बुधवार को पेट्रोटेक 2014 के अंतिम दिन पहुंचे विश्व भर के निवेशकों के सामने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने यह बात कही। वित्त मंत्री के अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था सुधर रही है। जिसका घरेलू अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने चालू खाता घाटा को कम करने के लिए सोने के आयात में सख्ती करने जैसे कदम उठाए हैं।। जिससे घाटे को एक हद तक नियंत्रित किया जा सका है।

वित्त मंत्री के अनुसार सरकार को उम्मीद है कि इस साल चालू खाता घाटा 50 अरब डॉलर तक ही सीमित रहेगा। वित्त वर्ष 2012-13 में चालू खाता घाटा जीडीपी के 4.8 फीसदी स्तर तक पहुंच गया था। जो कि उस अवधि में 88.2 अरब डॉलर रहा था।

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते आयात पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि तेजी सी उभरती भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए यह प्रवृत्ति अच्छी नहीं है। खास तौर पर ऐसी परिस्थितियों में जब चालू खाता घाटा ऊंचे स्तर पर हो।
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उनके अनुसार वित्त वर्ष 2012-13 में भारत ने 491 अरब डॉलर का आयात किया था। जिसमें से पेट्रोलियम उत्पादों की हिस्सेदारी 164 अरब डॉलर थी। चालू खाता घाटा की तरह वित्त मंत्री ने एक बार फिर राजकोषीय घाटा कम करने के अपने रोडमैप पर अडिगता दिखाई है।
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