देश में बिकने वाले हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए तीन जनवरी से आईएसआई मार्क जरूरी होगा।
सरकार ने लैपटॉप, टीवी, मोबाइल फोन, माइक्रोवेव, सेट टॉप बॉक्स समेत 15 उत्पादों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा प्रमाणित होना जरूरी कर दिया है।
सरकार ने 3 अप्रैल 2013 को आयातित इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए आईएसआई प्रमाण पत्र जरूरी किया था।
तारीख बढ़ाने के मूड में नहीं सरकार
कंपनियों और भारतीय मानक ब्यूरो की तैयारी पूरी ना होने के चलते इसे लागू करने की तारीख तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। सरकार 3 जनवरी के बाद इसे बढ़ाने के मूड में नहीं है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव अजय कुमार ने बताया कि आयातित इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के लिए बीआईएस प्रमाण की तारीख तीन जनवरी से आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
सभी कंपनियों के उत्पाद भारतीय मानक ब्यूरो के मान्यता के बाद ही बाजार में बेचे जा सकेंगे। इसके बिना कोई भी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को भारतीय बाजारों में नहीं बेच सकेगी।
उन्होंने आगे बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो इतने बड़े पैमाने पर सारे सैंपल की जांच नहीं कर सकता है, ऐसे में कंपनियों को अपना सैंपल जमा करने के बाद एक अस्थाई प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद वे इन उत्पादों को बेच पाएंगी।
इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों के संगठन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन (सीईएएमए) के सचिव एरिक ब्रगैन्जा ने कहा कि इससे बाजार में सही सामान ग्राहकों को मिल पाएगा। अगर प्रमाणन की इस प्रक्रिया में देरी होती है, तो प्रतिस्पर्धा और बिक्री पर असर पड़ेगा।
सीईएएमए ने कहा कि नए नियम के अनुसार उत्पादन करने से लागत में बढ़ोतरी होगी। इससे नए साल में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमत में 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है।
10 से 15 फीसदी तक बढ़ सकते हैं दाम
नए साल में इलेक्ट्रॉनिक सामानों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो से प्रमाणित होना जरूरी होगा। इसके साथ साथ जनवरी से नए ऊर्जा दक्षता मानक भी लागू होने जा रहे हैं। इनके लागू हो जाने से इन उत्पादों की कीमत में 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है।
सीईएएमए का मानना है कि इन नए नियमों के चलते उत्पादों की बाजार में उपलब्धता पर असर हो सकता है। पैनासोनिक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष शर्मा ने बताया कि नए साल में इन नियमों के चलते टीवी, मोबाइल, लैपटॉप, माइक्रोवेव, समेत 15 श्रेणियों में उत्पादों के दाम 12 फीसदी तक बढ़ेंगे।
क्यों जरूरी है यह नियम
ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सामानों का उत्पादन देश में नहीं होता है। ऐसे में इनका भारतीय मानक के आधार पर होना जरूरी है। इनका इस्तेमाल भारतीय लोगों के लिए खतरनाक नहीं है, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।