देश के गांवों और छोटे शहरों में बैंकिंग के विस्तार पर सरकार की ओर से जोर दिए जाने के बाद अब जीवन बीमा कंपनियों को भी छोटे शहरों की ओर रुख करना पड़ सकता है। बीमा नियामक इरडा ने बीमा कंपनियों द्वारा अपने 25 फीसदी दफ्तर ऐसे एक लाख तक की आबादी वाले शहरों में खोलने को अनिवार्य करने का प्रस्ताव किया है।
यह शर्त उन बीमा कंपनियों पर लागू होगी, जो 10 साल से कारोबार कर रही हैं। इरडा ने बीमा कारोबार संबंधी 2012 की अपनी नियमावली के बाबत इस प्रस्ताव का मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार किया है। इरडा का कहना है कि इसके पीछे उसका लक्ष्य गांवों और कस्बों तक बीमे की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके तहत टियर-2 और उससे निचली श्रेणी के शहरी इलाके व ग्रामीण इलाके आएंगे।