देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा कि उसने अपनी तेलशोधन क्षमता दोगुना करने की योजना के तहत गुजरात में 1.5 करोड़ टन का तेलशोधक संयंत्र बनाने की योजना बनाई है। इस पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी।
आईओसी के फिलहाल सात संयंत्र हैं जिनकी कुल तेलशोधन क्षमता 5.42 करोड़ टन सालाना है। आईओसी के निदेशक (तेल शोधक संयंत्र) आर के घोष ने कहा कि हमारी योजना 2021-22 तक इस क्षमता को बढ़ाकर 10 करोड़ टन करने की है। गुजरात के कोयली में आईओसी का 1.37 करोड़ टन की क्षमता का तेलशोधन संयंत्र पहले से काम कर रहा है। राज्य में आसानी से जमीन उपलब्ध होने के कारण यहां 1.5 करोड़ टन की अतिरिक्त इकाई लगाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि हमने उचित जगह के चयन का जिम्मा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को दिया है। उसकी रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पश्चिमी तट पर बनने वाली यह रिफाइनरी 13वीं पंचवर्षीय योजना तक तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आईओसी ने कोयली संयंत्र का विस्तार कर इसकी क्षमता 1.8 करोड़ टन की करना चाहती है जबकि मथुरा संयंत्र की क्षमता 1.1 करोड़ टन करने की योजना है जो फि लहाल 80 लाख टन है।