नरेंद्र मोदी भले ही बेहतर माहौल और विकास के तमाम दावे करें उनका गुजरात निवेशकों की नजरों से उतरता जा रहा है।
हर बात में अपने गुजरात का ढिंढोरा पीटने वाले नरेंद्र मोदी का यह राज्य निवेश के मामले तीसरे नंबर से उतर कर पांचवे नंबर पर आ गया है।
यह बात भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जारी आंकड़ों में सामने आई है।
टीएनएन के मुताबिक देश में होने वाले निवेश के मामले में उड़ीसा पहले नंबर पर पहुंच गया है। वहीं गुजरात लुढ़ककर तीसरे से पांचवें स्थान पर आ गया है।
उड़ीसा के बाद क्रमशः महाराष्ट्र, पंजाब, आंध्र प्रदेश और गुजरात का नंबर है।
पंजाब का इस सूची में तीसरे स्थान पर आना, आश्चर्यजनक है।
वित्त वर्ष 2011-12 मे निवेश के मामले में महाराष्ट्र पहले नंबर पर था। जबकि उसके बाद कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश का नंबर था।
वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान उड़ीसा में 53,000 करोड़ रुपए का निवेश विभिन्न परियोजनाओं में हुआ है।
वहीं महाराष्ट्र में 21,400 करोड़ रुपए और पंजाब में 20,600 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है।
राज्यों में हुए निवेश के आंकड़े निश्चित तौर पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए निराशाजनक होंगे।
क्योंकि नरेंद्र मोदी आगामी लोकसभा चुनावों में अपने राज्य की ऊंची विकास दर को भुनाना चाहते थे।
उड़ीसा में हुए कुल निवेश में 40.3 फीसदी निवेश ऊर्जा क्षेत्र में, मेटल्स के क्षेत्र में 27.9 और टेलीकॉम सेक्टर में 5.5 फीसदी निवेश हुआ है।