फ्रैंकलिन टेंपलटन इन्वेस्टमेंट (इंडिया) के प्रेसीडेंट हर्षेंदु बिंदल से अमर उजाला ने शेयर बाजार में तेजी और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से बातचीत की है। पेश हैं प्रमुख अंश -
क्या आप मानते हैं कि शेयर बाजार में अगले कई वर्षों तक तेजी बरकरार रहने वाली स्थिति तैयार की जा रही है?
नई सरकार के सत्ता में आने के बाद से अर्थव्यवस्था में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। मुझे नहीं लगता है कि पिछले काफी लंबे समय से चीजें इतनी बेहतर नजर आईं हैं। हालांकि, इस वर्ष की शुरुआत के बाद से इक्विटी बाजार ने 30 फीसदी तक बढ़त दर्ज की है। ऐसे में किसी को भी सतर्क रहने की जरूरत है। एकमुश्त निवेश करने के बजाए छोटे-छोटे कदम उठाने की जरूरत है।
आप म्यूचुअल फंड द्वारा पेशकश किए जा रहे सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए निवेश शुरू कर सकते हैं। एसआईपी बैंक रिकरिंग डिपॉजिट जैसा मासिक निवेश विकल्प मुहैया कराता है। इक्विटीज में 5 फीसदी से भी कम भारतीय निवेश करते हैं। ऐसे में यह निवेश का अच्छा विकल्प है। अगले कुछ वर्षों में कॉरपोरेट की आय बड़े पैमाने पर बढ़ने की उम्मीद है। देश की ऊंची आर्थिक विकास दर में भी यह दिखाई देगा। अगर इन सब कारकों को एक साथ जोड़ा जाए तो इक्विटी बाजार में निवेश का बेहतर अवसर दिखाई देता है।
क्या खुदरा निवेशक आने वाले समय में होने वाली ग्रोथ का फायदा उठाने की स्थिति में हैं और खुदरा निवेशकों के लिए आपकी क्या सलाह होगी?
पहले तो खुदरा निवेशकों को सीधे शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि यह अनुभवी पेशेवरों के लिए है। म्यूचुअल फंड खुदरा निवेशकों के लिए निवेश करने का सटीक रूट है। इसके जरिए महंगाई को मात देने में मदद मिल सकती है। कोई भी खुदरा निवेशक अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर विभिन्न म्यूचुअल फंडों में से चुन सकता है। म्यूचुअल फंड एश्योर्ड रिटर्न प्रोडक्ट के विपरीत मार्केट लिंक्ड होते हैं।
निवेशक को निवेश के लिए म्यूचुअल फंड स्कीम का चुनाव करते समय कौन सी बातें ध्यान में रखनी चाहिए?
निवेशकों को स्कीम का चुनाव करते समय देखना चाहिए कि स्कीम कितनी पुरानी है। दूसरी स्कीमों और प्रमुख सूचकांक की तुलना में स्कीम का प्रदर्शन कैसा है। फंड हाउस का अच्छा ट्रैक रिकार्ड होना चाहिए। निवेशक को इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट टीम का अनुभव और गुणवत्ता भी देखनी चाहिए। इसके अलावा फंड हाउस के सर्विस रिकार्ड पर भी नजर रखनी चाहिए।