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टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए इंटरनेट होगा सबसे बड़ा कमाई का जरिया

Sun, 24 Aug 2014 09:08 PM IST
नई दिल्ली /ब्यूरो
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भारत में तेजी से पहुंच बढ़ाता इंटरनेट आने वाले दिनों में टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया बनेगा। टेलीकॉम इंडस्ट्री अगले तीन साल में केवल इंटरनेट के जरिए 8 अरब डॉलर यानी 483.52 अरब रुपये की कमाई कर सकेगी। यह बात गूगल और कंसल्टिंग फर्म ए.टी.कियर्नी की ताजा रिपोर्ट में सामने आई है।
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रिपोर्ट के अनुसार अगले तीन साल में भारत में 48 करोड़ इंटरनेट ग्राहक होंगे। वहीं प्रति ग्राहक हर माह करीब 470 एमबी डाटा तक इस्तेमाल करने लगेगा। इसकी एक प्रमुख वजह देश में तेजी से स्मार्टफोन की मांग बढ़ना भी होगा। स्मार्टफोन का प्रसार अगले तीन साल में 6 गुना बढ़ने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार इंटरनेट और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की मांग बढ़ाने में मोबाइल पेमेंट, छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल ऐप, मीडिया से जुड़े कंटेट और सेवाओं आदि की प्रमुख भूमिका होगी। ए.टी.कियर्नी के पार्टनर निकोलाई डॉबरस्टेन के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 में भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री की आय 35 अरब डॉलर यानी 2,115.40 अरब रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
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इसमें डाटा के जरिए होने वाली आय 70 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है। इसमें मीडिया कंटेंट और सेवाओं के जरिए करीब 6 अरब डॉलर यानी 362.64 अरब रुपये तक आय हो सकेगी। वहीं छोटे और मझोले कारोबारी भी एक बड़ा सेगमेंट बनेंगे।

गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन के अनुसार म्यूजिक, वीडियो और ऑनलाइन रिचार्ज की तेजी से मांग बढ़ने की संभावना हैै। साल 2017 तक डाटा और पेड कंटेक्ट का ग्राहक द्वारा प्रतिमाह इस्तेमाल 470 एमबी तक पहुंच जाएगा।

इसके जरिए प्रति वर्ष करीब 1.6 अरब डॉलर यानी 96.70 अरब रुपये की आय हो सकेगी। आनंदन के मुताबिक कोरिया और जापान के बाजार में वॉयस से डाटा पर शिफ्ट होने में 10 साल का वक्त लगा था, लेकिन भारत उससे कहीं तेजी से विकसित हो रहा है।

ज्वाइंट स्टडी में दूरसंचार कंपनियों के लिए अरबों रुपये के राजस्व का अवसर मुहैया कराने वाले शीर्ष चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की सूची तैयार करने के लिए ग्राहकों के जीवनशैली की जरूरतों और कंपनियों की आंतरिक डिजिटलाइजेशन क्षमताओं पर गौर किया गया है। इनमें पहला क्षेत्र है ई-स्टोर और ई-केयर।

प्रीपेड मोबाइल फोन का ऑनलाइन रीचार्ज कुल रीचार्ज वैल्यू के एक तिहाई से ज्यादा बढ़ेगा। कुल यूजर्स में से 20 फीसदी यूजर्स ऑनलाइन रीचार्ज कर रहे हैं। ऑनलाइन कस्टमर सर्विसेज और आनलाइन खरीद लागत कम करने और राजस्व बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर अवसरों की पेशकश कर रहीं हैं।

दूसरा प्राथमिकता क्षेत्र है मीडिया कंटेंट और सेवाएं। मीडिया कंटेंट और सेवाएं भारत के बाजार में अतिरिक्त डाटा और कंटेंट राजस्व पैदा कर सकतीं हैं। तीसरी प्राथमिकता क्षेत्र है एसएमई के लिए मोबाइल बिजनेस ऐप्स। इस नए बाजार में दूरसंचार कंपनियां एसएमई कंपनियों के लिए ऐप्स मुहैया करा कर 60.45अरब रुपये का राजस्व अर्जित कर सकती हैं।

इसके अलावा एम-पेमेंट युक्त ई-स्टोर्स, पेड कंटेंट और ऐप ट्रांजैक्शन दूरसंचार कंपनियों के लिए अतिरिक्त राजस्व के स्रोत बन सकते हैं। गूगल इंडिया के के वाइस प्रेसीडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर, सेल्स एंड ऑपरेशंस राजन आनंदन का कहना है कि भारतीय दूरसंचार कंपनियां ऑनलाइन म्यूजिक, वीडियो और ऑनलाइन रिचार्ज की बढ़ती मांग  को पूरा कर अपनी हिस्सेदारी का विस्तार कर सकती हैं।
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