रिजर्व बैंक अगले माह होने वाली अपनी मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रख सकता है। एचएसबीसी की रिपोर्ट का कहना है कि हालांकि इस साल की अंतिम तिमाही में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। रिजर्व बैंक 5 अगस्त को मौद्रिक समीक्षा पेश करेगा।
वैश्विक स्तर पर वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी एचएसबीसी के मुताबिक रिजर्व बैंक की पिछली समीक्षा के बाद के आंकड़ों से स्पष्ट है कि विकास दर की रफ्तार बढ़ी है और महंगाई नरम पड़ी है। हालांकि, मानसून में कमी से खाद्य महंगाई के एकबार फिर ऊपर की ओर जाने का खतरा है।
रिजर्व बैंक ने गत 3 जून को अपनी नीतिगत समीक्षा में प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया था और बैंकों की अनिवार्य जमा राशि घटाकर बैंकिंग तंत्र में 40,000 करोड़ रुपये की पूंजी प्रवाह का रास्ता साफ किया था। यह लगातार दूसरा मौका है जब रिजर्व बैंक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती की मांग के बावजूद इन्हें अपरिवर्तित बनाए रख सकता है।
एचएसबीसी के रिसर्च नोट के मुताबिक रिजर्व बैंक अगस्त में यथास्थिति रख सकता है और 2014 की चौथी तिमाही में दोबारा से ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है। खराब मानसून के चलते खाद्य पदार्थ की कीमतों में बढ़ोतरी के अनुमान के आधार पर यह आकलन लगाया गया है।