शारदा समूह द्वारा आम लोगों की गाढ़ी कमाई पर चपत लगने के मामले में रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर डी सुब्बाराव से भी जवाब मांगा गया है। शुक्रवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर से संसद की वित्तीय मामलों की स्थाई समिति ने जानकारी ली है।
गवर्नर से हुई बातचीत में यह जानने की कोशिश की गई कि क्यों आरबीआई शारदा समूह जैसी कंपनियों पर लगाम नहीं लगा पा रही है। साथ ही इस तरह की कंपनियां कहीं ज्यादा रिटर्न देने का लालच देकर आम लोगों को गाढ़ी कमाई तो नहीं ले रही हैं। इन पर आरबीआई लगाम लगाने में विफल क्यों है।
समिति के एक सदस्य ने अमर उजाला को बताया कि हमने प्रमुख रुप से आरबीआई गवर्नर से यह जानने की कोशिश की है कि इस तरह के मामलों पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है। साथ ही ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जिसमें सेवानिवृत लोग इस तरह की कंपनी खोल रहे हैं। उन पर कोई निगरानी की जा रही हैं या नहीं।
शारदा समूह जैसी कंपनियां ऊंचे रिटर्न देने का लालच दे रही है। इस तरह की स्कीम पर लगाम के लिए कोई समिति आरबीआई बना रहा है कि नहीं। समिति के इन सभी सवालों का जवाब रिजर्व बैंक के गवर्नर को सात दिनों के भीतर देना होगा।
संसदीय समिति 31 मई को इसी मामले को लेकर सेबी प्रमुख से भी सफाई मांगेगी। समिति की अध्यक्षता भाजपा नेता यशवंत सिन्हा कर रहे हैं।