सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इनफोसिस का 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 24.3 प्रतिशत बढ़कर 2,396 करोड़ रुपये रहा, जबकि तिमाही आधार पर इसमें 3.5 फीसदी की बढ़त रही।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एसडी शिबूलाल ने तिमाही परिणाम जारी करते हुए बताया कि इनफोसिस ने 2,369 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 1,906 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का राजस्व भी 21.7 प्रतिशत बढ़कर 9,858 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
हालांकि ग्लोबल बाजार में जारी अनिश्चितता को देखते हुए कंपनी ने अगली तिमाही के लिए डॉलर में अपनी आय का अनुमान (गाइडेंस) 6 फीसदी से घटाकर 5.7 फीसदी कर दिया है। वित्त वर्ष 2013 के लिए रुपये ईपीएस गाइडेंस 166.46 रुपये से घटाकर 160.61 रुपये किया है, जबकि डॉलर ईपीएस का गाइडेंस 3.03 डॉलर से घटाकर 2.97 डॉलर किया है।
बीती तिमाही इनफोसिस का शुद्ध लाभ 24.3 प्रतिशत बढ़ गया। पहली तिमाही में कंपनी ने अप्रैल-जून 2011 की तुलना में 33 फीसदी अधिक मुनाफा कमाया था। शिबूलाल ने कहा कि पिछली दो तिमाहियों के नतीजों से लगता है कि इस वित्त वर्ष में कंपनी के राजस्व में पांच फीसदी की ही बढ़ोतरी हो पाएगी, जो कि उसका पूर्व घोषित लक्ष्य भी रहा है। परिचालन लागत में बढ़ोतरी को इसका जिम्मेदार बताया जा रहा है। कंपनी ने मार्च 2013 तक 39,582 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखा था।
इनफोसिस के तिमाही प्रदर्शन के बारे में पूछे गए सवाल पर शिबूलाल ने कहा कि कंपनी को ग्लोबल स्तर पर व्याप्त आर्थिक अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कंपनी ने अपने कर्मचारियों के वेतन और शोध एवं अनुसंधान पर होने वाले खर्च में भी बढ़ोतरी की है।
इनफोसिस के तिमाही नतीजों पर हाल ही में स्विट्जरलैंड की एक सलाहकार फर्म का अधिग्रहण करने का भी असर पड़ा है। हालांकि कंपनी ने इन खर्चों पर कोई मलाल नहीं जताया है। शिबूलाल ने कहा कि अपनी इस पहल से हम सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी स्थिति बेहतर करने और भविष्य के लिए एक मजबूत मंच तैयार करने में सफल रहेंगे।
सीएफओ बालाकृष्णन ने दिया इस्तीफा
इनफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) वी बालाकृष्णन ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। वह 31 अक्तूबर को अपना पद छोड़ेंगे। उनके कंपनी से विदा होने के बाद मौजूदा वाइस प्रेसिडेंट (फाइनेंस) राजीव बंसल 1 नवंबर से सीएफओ होंगे।
हालांकि सीएफओ के पद से हटने के बावजूद बालाकृष्णन इनफोसिस के बोर्ड मेंबर बने रहेंगे और बीपीओ, फिनेकल, भारतीय कारोबार पर फोकस करेंगे। इस्तीफा देने के कारण के बारे में उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि नई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिले। बालाकृष्णन ने कहा कि कंपनी की परंपरा है कि युवा पीढ़ी को मौका दिया जाए। साथ ही, दूसरे कारोबार में ग्रोथ की संभावनाएं नजर आ रही हैं, वो उन पर ध्यान देंगे।
भारतीय कर्मचारियों का वेतन छह फीसदी बढ़ाया
तिमाही नतीजों के मौके पर अपने भारतीय कर्मचारियों को राहत भरी खबर सुनाते हुए इनफोसिस ने उनके वेतन में 6 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की है। विदेशों में कार्यरत (ऑन साइट) कर्मचारियों के वेतन में दो-से तीन फीसदी की वृद्धि की गई है।
कंपनी के एमडी व सीईओ एसडी शिबूलाल ने यह घोषणा करते हुए बताया कि भारतीय कर्मचारियों की वेतन वृद्धि 1 अक्तूबर से प्रभावी हो जाएगी, जबकि विदेशी कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी को 1 जनवरी से लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि इनफोसिस से पहले कई दिग्गज आईटी कंपनियां कर्मचारियों का वेतन बढ़ा चुकी हैं, जबकि इनफोसिस ने ग्लोबल अनिश्चितता का हवाला देते हुए इस बारे में अक्तूबर में फैसला करने की बात कही थी। कंपनी ने अब वेतन बढ़ा कर अपना वायदा पूरा कर दिया है।