विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री कौशिक बसु का मानना है कि देश में पांच से छह फीसदी की महंगाई दर को बहुत अधिक नहीं माना जा सकता, खासकर तब, जबकि अर्थव्यवस्था को ऊंची विकास दर के रास्ते पर लाने का प्रयास किया जा रहा हो। बसु ने कहा कि अगर महंगाई दर को पांच से छह फीसदी के दायरे में रखा जाता है, तो यह बहुत अधिक नहीं है।
हमने देखा है कि 1970 के दशक में दक्षिण कोरिया में काफी ऊंची आर्थिक विकास दर के दौरान लोगों को काफी अधिक महंगाई के बीच रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि अगर देश में खाने-पीने की चीजों व कपड़ों सहित तकरीबन हर चीज की खपत बढ़ रही है, तो ऐसे में महंगाई में कुछ इजाफा होना अस्वाभाविक नहीं कहा जा सकता।