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उद्योगपति आरपी गोयनका का निधन

Mon, 15 Apr 2013 12:22 PM IST
कोलकाता/ब्यूरो
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देश के दिग्गज उद्योगपतियों में शामिल राम प्रसाद गोयनका का रविवार की सुबह 6 बजे लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 83 वर्ष के थे।
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अपने पीछे करीब 30 हजार करोड़ रुपये का कारोबारी साम्राज्य छोड़ कर गए गोयनका वृद्धावस्था के कारण होने वाली बीमारियों से पीड़ित थे और उन्हें हाल ही में एक अस्पताल में दाखिल कराया गया था।

उद्योग जगत में शोक
कोलकाता के नामीगिरामी पुराने कारोबारी घराने से संबंध रखने वाले गोयनका के निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर उमड़ पड़ी है। आरपी गोयनका ने 1979 में आरपीजी इंटरप्राइजेज का गठन किया, तब उसका कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये था।
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समूह का कारोबार अब बढ़कर करीब 30 हजार करोड़ रुपये हो गया है। गोयनका ने अपने कारोबार का विस्तार टायर, कार्बन ब्लैक, ट्रांसमिशन, फार्मा, आईटी, बिजली उत्पादन और संगीत समेत तमाम क्षेत्रों में किया।

80 के दशक में उन्होंने एक के बाद एक कई बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण भी किया। इसके बाद से वे अधिग्रहण विशेषज्ञ के नाम से मशहूर हो गए।

गोयनका के निधन के बाद परिवार में उनकी पत्नी सुशीला, दो बेटे हर्षवर्धन और संजीव मौजूद हैं। दोनों भाई काफी पहले से आरपीजी समूह के अलग-अलग व्यवसाय को संभाल रहे हैं। 1990 में आरपी गोयनका के दोनों बेटों ने समूह के कारोबार को संभालना शुरू किया।

आरपीजी इंटरप्राइजेज में हर्षवर्धन गोयनका ने चेयरमैन और संजीव गोयनका ने डिप्टी चेयरमैन का पद संभाला। दो वर्ष पूर्व संजीव ने आरपी-संजीव गोयनका के नाम से अपना ब्रांड पहचान बनाने का काम किया। हर्षवर्धन आगे भी आरपीजी इंटरप्राइजेज के चेयरमैन का पद पर बने रहे।

आरपी गोयनका दोनों समूह में मानद चेयरमैन बन रहे। अनुमानित तौर पर इन दोनों समूह की कंपनियों का संयुक्त कारोबार 30 हजार करोड़ रुपये के करीब है। गोयनका ने कोलकाता के प्रेजिडेंसी कॉलेज से स्नातक किया था। अमेरिका स्थित हावर्ड यूनिवर्सिटी से उन्होंने प्रबंधन की उच्च शिक्षा हासिल की थी।

आरपीजी इंटरप्राइजेज का गठन करने वाले आरपी गोयनका उद्योग संगठन फिक्की और एशिया-पेसेफिक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रहे।

इसके अलावा लंबे समय तक आईआईटी खड़गपुर में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन का पद भी संभाला। वे 2000 से 2006 के बीच राज्य सभा के सदस्य भी रहे थे।

कोलकाता शहर से गोयनका परिवार का जुड़ाव 1820 से रहा है। आरपी गोयनका ने राज्य में औद्योगिक माहौल खराब होने के बावजूद भी पश्चिम बंगाल को नहीं छोड़ा था।

देश ने एक बड़ा व्यवसायी प्रमुख खोया है। सीआईआई को नीतिगत मामलों और तमाम मुद्दों पर गोयनका की सोच और सुझाव से हमेशा ही दिशा मिली है। इससे उद्योगों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आगे बढ़ने का मौका मिला है। - एस गोपालकृष्णन, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष  
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गोयनका का निधन देश के लिए बड़ा नुकसान है। गोयनका के सृजनात्मक कामकाज से उद्योग जगत मजबूत हुआ और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी पहचान बनाने में मदद भी मिली। - नैनालाल किदवई, फिक्की अध्यक्ष
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