आर्थिक सुधार को लेकर अपने ही विरोधियों से जूझ रही केंद्र सरकार को आर्थिक मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। सितंबर में औद्योगिक विकास दर (आईआईपी) -0.4 फीसदी रही है। अगस्त में संशोधित आईआईपी दर 2.7 से घटकर 2.3 फीसदी हो गई थी। साल 2011 सितंबर में यह 2.5 फीसदी थी।
आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक सरकार को अनुमान था कि सितंबर में आईआईपी ग्रोथ 2.9 प्रतिशत हो सकती है। सितंबर में कैपिटल गुड्स सेक्टर की विकास दर भी घटकर -12.2 प्रतिशत पर आ गई। यह पिछले साल सितंबर में -6.5 फीसदी थी। वहीं सितंबर में मैन्यूफैक्चर सेक्टर की ग्रोथ रेट में गिरावट दर्ज की गई और यह 3.1 फीसदी से घटकर -1.5 फीसदी हो गई।
हालांकि माइनिंग सेक्टर से जरूर सरकार को राहत मिली है। सितंबर में इस सेक्टर की ग्रोथ बढ़कर 5.5 हो गई। सितंबर 2011 में यह -7.5 प्रतिशत थी। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर की विकास दर 8.9 फीसदी से घटकर -1.7 प्रतिशत रही।