भारत में अर्थव्यवस्था के वापस पटरी पर लौटने के संकेतों के बीच 2015 में
कर्मचारियों का वेतन 10.8 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि एशिया पैसिफिक
रीजन में कर्मचारियों के वेतन में औसतन सात फीसदी का इजाफा हो सकता है।
टावर्स
वाटसन की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। टावर्स वाटसन 2014-15
एशिया-पैसिफिक सेलरी बजट प्लानिंग रिपोर्ट के मुताबिक कुल 11 फीसदी वेतन
वृद्धि के साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम इस मोर्च पर अगुवाई
करेंगे, वहीं भारत 10.8 फीसदी वेतन वृद्धि के साथ चौथे स्थान पर है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरे क्षेत्र में वेतन बढ़ेगा, लेकिन इसके बराबर
ही महंगाई बढ़ने का मतलब होगा कि वास्तव में वेतन वृद्धि आने वाले वर्ष
में कम होगी।
टावर्स वाटसन डाटा सर्विसेज प्रैक्टिस लीडर, एशिया पैसिफिक
संभव राकयान का कहना है कि क्षेत्र में बेरोजगारी दर कम होने और सकल घरेलू
उत्पाद बढ़ने की वजह से हम 2015 में एशिया पैसिफिक में आर्थिक ग्रोथ बढ़ने
का अनुमान कर रहे हैं।
राकयान ने आगे कहा कि इससे मुद्रास्फीति का दबाव
बढ़ेगा और वेतन में वास्तविक वृद्धि प्रभावित होगी। इसकी वजह से भारतीय
कर्मचारियों के वेतन में वास्तविक वृद्धि उनके वेतन में कुल वृद्धि का एक
तिहाई ही होगी।
भारत में प्रोडक्शन वर्कर्स से लेकर एक्जीक्यूटिव
डायरेक्टर्स तक सभी कर्मचारियों के वेतन में पिछले वर्ष की तुलना में
ज्यादा इजाफा होगा। सेक्टर आधारित विश्लेषण से पता चलता है कि भारत सहित
समूचे रीजन में फार्मास्युटिकल सेक्टर सबसे ज्यादा वेतन वृद्धि वाला सेक्टर
होगा।
वियतनाम में फार्मास्युटिकल सेक्टर में वेतन वृद्धि 12 फीसदी
होगी वहीं भारत में यह 11.5 फीसदी और चीन में 8.9 फीसदी होगी। भारत के
वित्तीय क्षेत्र में 2015 में वेतन वृद्धि 2015 में 10 फीसदी तक होने की
उम्मीद है।
यह पिछले वर्ष के बराबर ही होगी वहीं हाई-टेक सेक्टर में 2015
में वेतन वृद्धि पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा 10.5 फीसदी तक हो सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि सर्वे में शामिल किए गए सभी 20 देशों में 2015 में
वेतन में इजाफा होने की बात सामने आई है। सर्वे में इंडस्ट्री के विभिन्न
सेक्टरों की 300 से अधिक कंपनियों को शािमल किया गया था।