देश का फर्मा उद्योग वर्ष 2020 तक कारोबार के लिहाज से दुनिया के दस शीर्ष उद्योगों में शुमार हो जाएगा। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और बाजार अध्ययन करने वाली संस्था प्राइज वाटर कूपर की ओर से देश के फर्मा उद्योग पर जारी संयुक्त अध्ययन रिपोर्ट भारतीय फार्मा कंपनियां अगले स्तर के विकास की तैयारी में कहा गया है कि ऐसे समय जबकि इस उद्योग में तरक्की की इतनी गुंजाइश है फार्मा कंपनियों को अपनी भविष्य की रणनीति तय करते समय नियामक हस्तक्षेप के प्रति सजग रहना होगा।
बिजनेस के नए मॉडल अपनाने होंगे तथा अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए नये तरीके ईजाद करने होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक वर्ष के दौरान देश में फर्मा उद्योग में नियामक हस्तक्षेप काफी बढ़ा है ऐसे में आगे कंपनियों को अपनी रणनीति बनाते वक्त इस बात का पूरा ध्यान रखना होगा कि उनकी नीतियां नियमों के खिलाफ नहीं जाएं।
रिपोर्ट के मुताबिक उपचार का बढ़ता बोझ तेज आर्थिक विकास के कारण लोगों की खर्च क्षमता में वृद्धि तथा स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार फार्मा उद्योग के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है। रिपोर्ट में देश के फार्मा उद्योग के विकास के मूल कारणों के साथ ही आगे इसके सामने आने वाली चुनौतियों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।