ग्लोबल स्तर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में हो रहे सुधार का असर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी चालू वित्त वर्ष में अच्छा रहने वाला है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2013-14 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4 फीसदी की दर से बढ़ोतरी करेगी।
रिपोर्ट के अनुसार भारत के अलावा चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा, जिसकी वजह से वह भी आठ फीसदी की विकास दर हासिल कर लेगा। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार एशियाई देशों के साथ-साथ अमेरिकी और दूसरी अर्थव्यवस्थाओं में भी सुधार होगा।
बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र-ईएससीएपी द्वारा एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र के देशों की अर्थव्यवस्था में पिछले साल के मुकाबले थोड़ा सुधार होगा।
ऐसे में मांग बढ़ाने के लिए नीतियों को वृहद और समावेशी रूप देना होगा, जिससे कि सभी वर्गों तक सुधार का लाभ पहुंचे।
रिपोर्ट को जारी करते हुए प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा कि इन क्षेत्रों के देशों में ऊंची विकास दर के तरीके अपनाकर सहस्राब्दी विकास लक्ष्यों को पाया जा सकेगा।
रंगराजन इसके पहले भारतीय अर्थव्यवस्था के बढ़ते चालू खाते के घाटे पर चिंता जता चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार भारत की राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, बांग्लादेश बैंक द्वारा लाखों लोगों को मुफ्त में बैंकिंग सुविधा देने जैसे कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी, जिसका सकारात्मक असर पूरी अर्थव्यवस्था पर होगा।