भारतीय कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष में 4 अगस्त तक नॉन कनवर्टेबल डिबेंचर (एनसीडी) के जरिए 4,000 करोड़ रुपये तक की राशि जुटाई है। कंपनियों ने खासकर कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के मद्देनजर यह रकम जुटाई। वित्त वर्ष 2013-14 में कंपनियों ने एनसीडी के 35 निर्गमों के जरिए 42,383 करोड़ रुपये राशि जुटाई थी।
एनसीडी लोन लिंक्ड बांड होते हैं, जिन्हें स्टॉक में परिवर्तित नहीं कराया जा सकता है और सामान्यत: इन पर कनवर्टेबल डिबेंचर के मुकाबले अधिक ब्याज दर की पेशकश की जाती है। अधिकांश फंड कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने और अन्य दूसरे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के मद्देनजर जुटाए जाते हैं।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस, श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड और मुत्थूट फाइनेंस लिमिटेड सहित कुल नौ कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष में 4 अगस्त तक एनसीडी के जरिए 3,939 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई। इसके तहत 10 निर्गम जारी किए गए। यह राशि 1,550 करोड़ रुपये के शुरुआती लक्ष्य से अधिक है।