वस्तुओं और सेवाओं की मांग में सुधार से भारतीय अर्थव्यवस्था जल्द ही आर्थिक सुस्ती के दौर से उबर जाएगी। यह संभावना एक आर्थिक सर्वेक्षण में जताई गई है। रिपोर्ट में देश के भीतर कारोबारी माहौल में तेजी से सुधरने की बात भी कही है।
अध्ययन के मुताबिक हालात में सुधार के चलते आर्थिक कारकों पर आधारित ब्लूफिन बिजनेस साइकिल इंडिकेटर (बीसीआई) अक्तूबर में बढ़ कर 160.3 अंक के स्तर पर पहुंच गया। सितंबर में यह 157.4 अंक पर दर्ज किया गया था। यह लगातार तीसरा महीना है जब बीसीआई सूचकांक में बढ़त दर्ज की गई है, जो कि दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था आर्थिक सुस्ती की गिरफ्त से निकल रही है और मांग में एक बार फिर तेजी आ रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि सूचकांक में यह सुधार आपूर्ति की स्थिति में सुधार आने की ओर इशारा कर रहा है और यह खासतौर पर माध्यमिक (इंटरमीडिएट) वस्तुओं और सेवाओं की मांग बढ़ने के चलते आया है। इसके चलते पूरे कारोबारी परिदृश्य में मजबूती आने की संभावना प्रबल होती दिख रही है।
हालांकि रिपोर्ट में उपभोक्ता, वित्तीय वस्तुओं व सेवाओं के क्षेत्र में अब भी कमजोरी बने रहने पर चिंता जताई गई है। इसके अलावा हवाई यात्रा और मोबाइल फोन कनेक्शन की मांग में भी मौजूदा वक्त में गिरावट का रुख दिख रहा है, जो कि एयरलाइंस व टेलीकॉम सेक्टर के लिए चिंता का विषय हो सकता है।