भारत 2015-16 में 7.8 फीसदी और इसके बाद के वर्ष में 8.2 फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल कर चीन को विकास दर के मोर्चे पर पीछे छोड़ सकता है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने मंगलवार को कहा कि भारत में सरंचनात्मक सुधारों और सरकार के निवेश समर्थक रवैये के चलते ऐसा संभव है।
एडीबी के चीफ इकनॉमिस्ट सांग जिन वे ने बैंक के सालाना पब्लिकेशन एशियन डेवलपमेंट आउटलुक, 2015 जारी करते हुए कहा कि अगले कुछ वर्षो में भारत की आर्थिक विकास दर चीन की तुलना में ज्यादा रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का निवेश समर्थक रवैया, राजकोषीय और चालू खाता घाटे के मोर्चे पर सुधार और ढांचागत मोर्चे पर बाधाओं को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों से कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है।
इससे भारत घरेलू और निवेशकों के लिए एक बार फिर से आकर्षक बन गया है। एडीबी को उम्मीद है कि 2015-16 में भारत की आर्थिक विकास दर तेज होकर 7.8 फीसदी और 2016-17 में 8.2 फीसदी रहेगी।