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ऊर्जा के लिए गैर कोयला स्रोत अपनाए भारत: प्राइसवाटरहाउसकूपर्स

Tue, 27 Jan 2015 09:19 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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भारत 2034 तक सबको बिजली मुहैया कराने के साथ 30 करोड़ अतिरिक्त लोगों को भी बिजली के नेटवर्क से जोड़ सकता है। प्राइसवाटरहाउसकूपर्स ने हाल में द फ्यूचर ऑफ इंडिया: द विनिंग लीप नाम से रिपोर्ट लांच की है।
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इस रिपोर्ट में उन समाधानों की पहचान की गई है, जो सबको बिजली मुहैया कराने के लिए 200 अरब डॉलर का अनुमानित निवेश बचाने के साथ प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत तीन गुना कर सकते हैं।

इन समाधानों में ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमताओं को गैर-कोयला स्रोतों की ओर शिफ्ट करना, सूचना एकत्र करने के स्वचालित करने के लिए डिजिटल और संचार तकनीक का प्रयोग कर लागत घटाना शामिल है। इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्याधुनिक तकनीक जैसे डिस्ट्रीब्यूटेड पावर सॉल्यूशंस ग्रामीण ऊर्जा वितरण की चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकते हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 30 करोड़ से अधिक लोगों तक बिजली नहीं पहुंची है। भारत प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत के लिहाज से दुनिया के दूसरे देशों से बहुत पीछे है। भारत में 2013 में यह 700 किलोवाट आवर्स थी, जबकि ब्राजील और थाईलैंड में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2,400 किलोवाट आवर्स है।

गैर-पारंपरिक समाधानों को अपना कर भारत 2034 तक 30 करोड़ अतिरिक्त लोगों तक 2034 तक बिजली पहुंचा सकता है। इसके लिए भारत को अतिरिक्त 455 गीगा वाट की इंस्टाल्ड क्षमता के साथ बड़े पैमाने पर निवेश और ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के परिचालन को बेहतर बनाने की जरूरत होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक ऊर्जा के लिए जीवाश्म ईंधन पर भारत की निर्भरता के कारण बड़े पैमाने पर ग्रीनहाउस उत्सर्जन हो रहा है। वैश्विक उत्सर्जन में भारत अमेरिका, यूरोपीय संघ, और चीन के बाद चौथे स्थान पर है। इसके अलावा ऊर्जा के स्रोत के रूप में कोयले पर बढ़ती निर्भरता से आयात में इजाफा होगा और लंबी अवधि में यह भारत की अर्थव्यव्स्था के लिए आर्थिक रूप से वहनीय समाधान नहीं होगा।
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