फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्थिक सुस्ती के बावजूद बढ़ रहे हैं धनकुबेर

Wed, 11 Sep 2013 06:27 PM IST
एजेंसी/नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्योगों में छाई सुस्ती के बावजूद देश में धनकुबेरों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन


दुनिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाने वाले ब्रिक्स देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका में अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनआईडब्ल्यू) यानी अति धनाड्य लोगों को लेकर किए गए अध्ययन की रिपोर्ट यही कहती है।

धन-दौलत और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े अध्ययन करने वाली ग्लोबल फर्म वेल्थ एक्स की रिपोर्ट के मुताबिक बीते वर्ष देश में ब्रिक्स देशों में एचएनआईडब्ल्यू की श्रेणी में आने वाले धन कुबेरों की संख्या में सबसे ज्यादा इजाफा भारत में हुआ।
विज्ञापन


देश में इस वर्ग के धनिकों की संख्या बीते वर्ष बढ़कर 7,850 हो गई। बीते साल देश में एचएनआईडब्ल्यू श्रेणी के धन कुबेरों के क्लब में 120 नए सदस्य शामिल हुए, जोकि अन्य ब्रिक्स देशों की तुलना में सबसे अधिक है।

वेल्थ एक्स के इस अध्ययन के दायरे में केवल उन्हीं लोगों को रखा गया जिनकी कुल संपत्ति 3 करोड़ डॉलर (करीब 1.91 अरब रुपए) या उससे अधिक की है।

अध्ययन के तहत संपत्ति की गणना में उस व्यक्ति के पास मौजूद नकदी के अलावा विभिन्न कंपनियों में शेयर, रहने और निवेश के लिए खरीदी गई संपत्तियां, हवाई जहाज, कला संग्रह और अन्य मूल्यवान संपत्तियों को भी शामिल किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक महिला अरबपतियों के मामले में भी भारत ब्रिक्स देशों में सबसे अव्वल है। भारत की इन धनी महिलाओं की कुल संपत्ति 95 अरब डॉलर (60.61 खरब रुपए) से अधिक आंकी गई है।

वर्ल्ड अल्ट्रा वेल्थ रिपोर्ट 2013 नाम से जारी इस रिपोर्ट मुताबिक भारत के 7,850 धनकुबेरों की कुल संपत्ति 935 अरब डॉलर की बताई गई है।

अति धनाढ्य वर्ग में आने वाले करीब 90 फीसदी लोग मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुड़गांव और जयपुर जैसे महानगरीय इलाकों में रहते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा यानी 50 फीसदी से अधिक केवल मुंबई और दिल्ली में रहते हैं।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक बीते वर्ष पूरी दुनिया में एचएनआईडब्ल्यू श्रेणी के धनवानों की संख्या बढ़कर 1,99,235 पहुंच गई, जोकि अबतक का सबसे ऊंचा स्तर है। इनमें पुरुषों की संख्या 1,75,730 और महिलाओं की संख्या 23,505 रही।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें