अर्थव्यवस्था में सुस्ती का असर अब सभी तरफ से दिखने लगा है। बृहस्पतिवार को सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2012 के अंत में भारत का कुल विदेशी कर्ज 376.3 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है। जो कि मार्च 2012 के स्तर से 8.9 फीसदी बढ़ गया है।
मार्च तक देश पर विदेशी कर्ज 345.5 अरब अमेरिकी डॉलर था। मार्च से दिसम्बर की अवधि के दौरान इसमें 30.8 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी कर्ज में इस अवधि के दौरान हुई बढ़ोतरी लंबी अवधि के कर्ज और कम अवधि के कर्ज दोनों के कारण हुई।
दिसंबर 2012 के अंत में 17.1 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़ोतरी के साथ लंबी अवधि का कर्ज 284.4 अरब अमरीकी डॉलर पर था जबकि कम अवधि का कर्ज 13.7 अरब अमेरीकी डॉलर बढ़कर 90.9 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।