भारत ने जिन देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए उनके साथ भी देश का निर्यात बढ़ने के बजाय गिरा है। इन देशों के बाजारों में भारतीय निर्यातकों की सीमित पहुंच के चलते भारत मुक्त व्यापार समझौतों का फायदा उठाने में नाकाम रहा है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाईजेशन (फिओ) के अध्यक्ष एम रफीक अहमद का कहना है कि मुक्त व्यापार समझौते ने भारत के निर्यात के बजाय आयात को बढ़ावा दिया है।
जबकि मुक्त व्यापार समझौते निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किए जाते हैं। अहमद के मुताबिक, इस वर्ष अप्रैल से सितंबर के दौरान सिंगापुर, जापान, कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड को हुआ निर्यात गत वर्ष से काफी कम रहा है जबकि इन देशों से भारत को होने वाला आयात बढ़ा है।
इन सभी देशों के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता लागू है, जिसके चलते उनके सामानों की भारत में पहुंच आसान हो रही है। फिओ ने ऐसे सभी देशों को फोकस मार्केट स्कीम के तहत लाने की मांग की है। इस साल अप्रैल से सितंबर के दौरान देश के निर्यात में आई 5.95 फीसदी की गिरावट के लिए फिओ ने भारतीय निर्यातकों द्वारा मुक्त व्यापार समझौतों का फायदा न उठा पाने को भी वजह माना है।