वित्त वर्ष के आखिरी दिनों में राजस्व बढ़ाने की सरकारी कोशिशों को झटका लग सकता है। आयकर अधिकारियों के मुख्य संगठन ने अपनी मांगों को लेकर 11 फरवरी से विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला शुरू करने का ऐलान किया है जबकि आयकर कर्मचारियों के राष्ट्रीय संघ इस बारे में जल्द ही फैसला लेगा। इनकम टैक्स गजटेड ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव राजेश मेनन का कहना है कि आयकर अधिकारियों के सहायक आयकर आयुक्त पद पर प्रमोशन और कई अन्य मांगों पर सरकार लंबे समय से ध्यान नहीं दे रही है।
संगठन ने फैसला किया है कि इसका कोई भी सदस्य 20 फरवरी से छापे, सर्वे, जांच और रिकवरी की कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। इस बाबत संगठन की सभी राज्य इकाइयों को सूचित किया जा रहा है।
विरोध जताने के लिए आयकर अधिकारी 11 फरवरी से रिकवरी में असहयोग शुरू कर देंगे।
आयकर अधिकारियों के इस विरोध प्रदर्शन को इनकम टैक्स एम्प्लाइज फेडरेशन (आईटीईएफ) भी अपना समर्थन दे सकती है। आईटीईएफ के महासचिव अशोक कनौजिया का कहना है कि आगामी 11 फरवरी को फेडरेशन की अखिल भारतीय बैठक में इस बारे में फैसला लिया जाएगा।