अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेताया है कि देश में निजी कंपनियों को बैंक खोलने की इजाजत देना जोखिम भरा हो सकता है। आईएमएफ ने अपनी एक रिपोर्ट में सरकार को सचेत करते हुए कहा है कि किया है कि कंपनियों को बैंकों को प्रमोट करने या बैंक खोलने की इजाजत दिए जाने से कंपनियां इसका दुरुपयोग कर सकती हैं।
आईएमएफ की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कॉरपोरेट सेक्टर बैंक खोलने के लिए सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए जाने के इंतजार में नजरें बिछाए बैठा है। और रिजर्व बैंक नए बैंकिंग लाइसेंस जारी करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने वाला है।
भारत के वित्तीय ढांचे की स्थिरता के आकलन पर आधारित इंडिया: फाइनेंशियल सिस्टम स्टेबिलिटी असेसमेंट अपडेट शीर्षक से जारी अपनी रिपोर्ट में आईएमएफ ने कहा है कि कंपनियों या कारोबारी समूहों को व्यावसायिक बैंकिंग के क्षेत्र में उतरने की इजाजत देने से पहले इस बारे में समीक्षात्मक अध्ययन कर लेना उपयोगी होगा। इस बारे में कानूनी, संचालन संबंधी और नियामकीय व निगरानी व्यवस्थाओं के बारे में व्यापक समीक्षा की जरूरत है, क्योंकि फिलहाल इसमें कुछ कमियां व जरूरी तत्वों का अभाव नजर आ रहा है।
इसलिए मौजूदा हालात के तहत कंपनियों को बैंकिंग क्षेत्र में उतरने की इजाजत दिए जाने से इस बात का खतरा हो सकता है कि लाभ के बजाय इसके नुकसान ज्यादा भारी पड़ जाएं। गौरतलब है कि सरकार द्वारा कंपनियों को बैंक खोलने की इजाजत देने की दिशा में कदम बढ़ाए जाने के बाद अनिल अंबानी के नेतृत्व वाला अंबानी समूह, रेलीगेयर, श्रीराम, लॉर्सन एंड टुब्रो और आदित्य बिड़ला समूह बैंक खोलने के प्रति रुचि दिखा चुके हैं।