इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) अपने टैक्स फ्री बांड इश्यू के जरिए बाजार से 9,215 करोड़ रुपये तक जुटाने की तैयारी कर रही है। कंपनी का टैक्स फ्री बांड इश्यू 26 दिसंबर को खुल रहा है। यह निवेशकों के लिए 11 जनवरी तक खुला रहेगा।
सोमवार को इश्यू के बारे में जानकारी देते हुए आईआईएफसीएल के चेयरमैन एसके गोयल ने बताया कि निवेशकों को 10 साल, 15 साल और 20 साल तक के निवेश का विकल्प मिलेगा, जिस पर कोई लॉक-इन पीरियड नहीं होगा। आवेदक को कम से कम 5,000 रुपये का निवेश करना होगा। जिसमें प्रत्येक बांड की फेस वैल्यू 1,000 रुपये होगी।
गोयल के अनुसार रिटेल निवेशक दूसरे निवेशकों की तुलना में 0.50 फीसदी अधिक रिटर्न प्राप्त कर सकेंगे। रिटेल निवेशकों को 10 साल के निवेश पर 7.69 फीसदी, 15 साल के निवेेश पर 7.86 फीसदी और 20 साल के निवेश पर 7.90 फीसदी रिटर्न मिलेगा। जबकि, क्वॉलिफाइड इनवेस्टर बॉयर(क्यूआईबी), कॉरपोरेट और एचएनआई निवेशकों को 0.50 फीसदी कम रिर्टन मिलेगा।
गोयल ने बताया कि हमें ग्रीन-शू विकल्प के तहत और 1,500 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। कुल 9,215 करोड़ रुपये तक की सीमा तय की गई है। इश्यू को पहले आओ और पहले पाओ की नीति पर तय की गई है। कंपनी जुटाई गई पूंजी का उपयोग सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत होने विभिन्न पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को कर्ज देने के रुप में करेगी।
चालू वित्त वर्ष के बजट प्रस्ताव के मुताबिक आईआईएफसीएल को साल 2012-13 के दौरान टैक्स फ्री बांड के जरिए 10 हजार करोड़ रुपये जुटाने की अनुमति दी गई है। इसमें से कंपनी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए 785 करोड़ रुपये जुटाए हैं। आईआईएफसीएल की इस साल 30 हजार करोड़ रुपये कर्ज देने की योजना है। जिसमें से कंपनी ने अभी 26 हजार करोड़ रुपये तक बाजार से जुटा लिए हैं।