इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) देश के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस आयातक पेट्रोनेट एलएनजी में एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की 5.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहा है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक आईजीएल प्रबंधन एडीबी की हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रहा है, जिसका औपचारिक प्रस्ताव जल्द ही तैयार किया जा सकता है। आईजीएल द्वारा एडीबी की हिस्सेदारी खरीदने से लंबे समय से पेट्रोनेट के मुख्य प्रमोटरों और चेयरमैन व ऑयल सचिव के नेतृत्व वाले कंपनी प्रबंधन के बीच चले आ रहे विवाद को सुलझाने में मदद मिलेगी।
पेट्रोनेट की प्रमोटर कंपनियां आईओसी, ओएनजीसी, गेल और बीपीसीएल पहले एडीबी की 5.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छुक थी लेकिन कंपनी प्रबंधन ने इसका विरोध किया। प्रबंधन का कहना है कि इससे सार्वजनिक कंपनियों की हिस्सेदारी 50 फीसदी से अधिक हो जाएगी, जिस कारण पेट्रोनेट एलएनजी एक सरकारी इकाई हो जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि आईजीएल एक निजी कंपनी है और यदि यह एडीबी की हिस्सेदारी खरीदती है तो इसका पेट्रोनेट के स्वरूप पर कोई असर नहीं होगा। इस तरह कंपनी प्रबंधन और तेल मंत्रालय दोनों को संतुष्ट किया जा सकता है। यह प्रमोटरों की भी जीत होगी क्योंकि वह आईजीएल के जरिए पेट्रोनेट में अपना प्रभुत्व बनाए रख सकते हैं। मालूम हो कि, आईजीएल में गेल इंडिया और भारत पेट्रोलियम की 50 फीसदी हिस्सेदारी है।