नैसडेक में लिस्टेड आईगेट कॉरपोरेशन ने अपने प्रेसिडेंट और चीफ एग्जिक्यूटिव फणीस मूर्ति को नौकरी से निकाल दिया है।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने मूर्ति के अपनी सहयोगी कर्मचारी के साथ ताल्लुकात और यौन शोषण के दावे से जुड़े तथ्यों और हालात के आधार पर यह कड़ा फैसला किया।
बोर्ड ने जरहार्ड वाटजिंगर को अंतरिम आधार पर प्रेसिडेंट और सीईओ बनाया गया है।
कंपनी ने एक बयान में कहा, 'जांच में इस निष्कर्ष पर पहुंचा गया है कि मूर्ति ने अपने इस रिश्ते के बारे में जानकारी नहीं दी और इससे आईगेट की पॉलिसी और मूर्ति के एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन हुआ है।'
इंफोसिस में भी लगे थे ऐसे ही इल्जाम
भारत की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर इंफोसिस में पूर्व हेड ऑफ सेल्स मूर्ति दूसरी बार इस तरह के मामले में फंसे हैं।
इससे पहले 2003 में इंफोसिस की पूर्व एग्जिक्यूटिव सेक्रेटरी रेका मैक्सीमोविच ने मूर्ति के खिलाफ यौन शोषण से जुड़ा मुकदमा दर्ज किया था। यह मामला इंफोसिस ने 30 लाख डॉलर में अदालत से बाहर निपटाया था।
आईगेट के को-फाउंडर और को-चेयरमैन सुनील वधवानी ने कहा कि बोर्ड ने इस मामले पर काफी विचार करने के बाद यह कड़ा फैसला किया है।
उन्होंने कहा, 'आईगेट को आईटी इंडस्ट्री के लीडर के रूप में मदद देने के लिए मूर्ति ने पिछले दस साल में जो सहयोग दिया है, हमें उसका सम्मान करते हैं। उन्होंने आईगेट की वैल्यू सुधारने के लिए काफी काम किया और इससे इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन आईगेट पॉलिसी के उल्लंघन के कारण हमने उन्हें हटने के निर्देश दिए हैं।'