करीब 11 साल बाद देश में नए बैंक खोलने का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख फाइनेंस कंपनी आईडीएफसी और माइक्रोफाइनेंस कंपनी बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज को बैंकिंग लाइसेंस दे दिया है।
रिजर्व बैंक ने इन दो कंपनियों को लाइसेंस रिलायंस, बिड़ला, बजाज जैसे बड़े कॉरपोरेट घरानों के आवेदनों को दरकिनार करते हुए दिया है। लाइसेंस के लिए 25 कंपनियों ने अर्जी दी थी। इसके पहले साल 2003-04 में अंतिम बार कोटक महिंद्रा बैंक और यस बैंक को बैंकिंग लाइसेंस मिला था।
बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार आईडीएफसी लिमिटेड और बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के आवेदनों को लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया गया है। यह दोनों निजी क्षेत्र के बैंक के रूप में काम करेंगे।
कंपनियों को रखनी होगी 500 करोड़ की पूंजी
रिजर्व बैंक ने दोनों कंपनियों को बैंकिंग लाइसेंस के संबंध में जरूरी दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। दिशानिर्देशों को पूरा करने के बाद रिजर्व बैंक दोनों कंपनियों को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट-1949 के तहत पूर्ण लाइसेंस जारी करेगा।
बैंकिंग कारोबार में उतरने वाली कंपनी को शुरुआती तौर पर न्यूनतम 500 करोड़ रुपये की चुकता पूंजी रखनी होगी। नए बैंक को इसी तरह कारोबार शुरू करने के तीन साल के भीतर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होना होगा। अभी देश में 26 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 22 निजी क्षेत्र के बैंक और 40 विदेशी बैंक कार्यरत हैं।
जिन कंपनियों ने बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था उनमें रिलायंस कैपिटल, आदित्य बिड़ला नुवो लिमिटेड, बजाज फिनसर्व लिमिटेड, मुत्थूट फाइनेंस लिमिटेड, इंडिया पोस्ट सहित 25 कंपनियां शामिल थीं।
आरबीआई ने दी मंजूरी
बंधन फाइनेंशियल के सीएमडी चंद्र शेखर घोष ने अमर उजाला को बताया कि आरबीआई ने बंधन को लाइसेंस देकर माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री को तवज्जो दी है। जहां तक चुकता पूंजी की बात है, तो कंपनी के पास अभी 1,100 करोड़ रुपये की पूंजी है। ऐसे में बैंक के लिए पूंजी की समस्या नहीं आएगी। योजना के तहत कंपनी बंधन फाइनेंशियल को पूरी तरह से बैंक में परिवर्तित करेगी।
आईडीएफसी चेयरमैन राजीव लाल का कहना है कि हमने कठिन मेहनत के लिए तैयारी कर रखी है, जिसकी अब शुरुआत होने वाली है। हमने एक यूनिवर्सल लाइसेंस के लिए आवेदन किया था और अब हम उस दिशा में कार्य करने जा रहे हैं।
क्या कारोबार है बंधन और आईडीएफसी का
बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में काम करती है। पश्चिम बंगाल से कारोबार शुरू करने वाली बंधन देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की देश भर में दो हजार से ज्यादा शाखाएं हैं।
आईडीएफसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को फाइनेंस करने का काम करती है। कंपनी का गठन साल 1997 में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में फाइनेंशियल सुविधाएं देने के लिए किया गया था। कंपनी में भारत सरकार की दिसंबर 2013 के मुताबिक 17.24 फीसदी हिस्सेदारी है।
इंडिया पोस्ट के आवेदन पर होगा अलग से विचार
जीएस संधु, बैंकिंग सेवा सचिव ने बताया कि रिजर्व बैंक ने इंडिया पोस्ट के आवेदन पर कहा है कि वह सरकार के साथ इस विषय पर अलग से चर्चा करेगा। वित्त मंत्रालय शुरू से इंडिया पोस्ट को लाइसेंस के पक्ष में नहीं है। ऐसे में आरबीआई का कदम इंडिया पोस्ट को लाइसेंस मिलने की उम्मीद जगाता है।
लंबे समय के बाद बैंक लाइसेंस जारी होना सुखद खबर है। इससे अधिक से अधिक कंपनियों के लिए आगे आने और बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार करने का रास्ता साफ होगा। यह अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर के लिए शुभ संकेत है।