अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंकिंग कारोबार करने वाले यूनाइटेड किंगडम (यूके) के हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एचएसबीसी) द्वारा यूके के ही एक दिग्गज बैंक रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड (आरबीएस) के भारत में रिटेल व कॉमर्शियल बैंकिंग कारोबार को खरीदने की कोशिशों पर विराम लग गया है। ऐसा सौदे के लिए निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद शर्तों का निर्धारण न हो पाने के कारण हुआ है।
एचएसबीसी ने इस बारे में बताया कि आरबीएस के भारतीय कारोबार के अधिग्रहण के लिए किया गया समझौते की अवधि 30 नवंबर को शर्तों का निर्धारण हुए बिना ही समाप्त हो गई। दूसरी ओर आरबीएस ने भी कहा है कि इस बारे में 2 जुलाई 2010 को हुआ करार शुक्रवार को समाप्त हो गया और अब इस पर आगे कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही आरबीएस ने कहा है कि वह भारत में अपने रिटेल और कॉमर्शियल बैंकिंग कारोबार को समेटने के विकल्प पर विचार कर रहा है। ऐसा बैंक द्वारा अपने नॉन कोर कारोबार व संपत्तियों को घटाने या खत्म करने के निर्णय के चलते किया जा रहा है। हालांकि उसने भारत में कारोबार को लाभदायक बताया है।
बैंक ने बताया कि 30 सितंबर तक देश में उसकी संपत्तियों का मूल्य करीब 19 करोड पाउंड है और देश में उसकी 31 शाखाओं में 4.2 करोड़ की आय अर्जित की है। उधर एचएसबीसी ने लंदल स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में कहा है कि आरबीएस के अधिग्रहण का सौदा रद्द होने के बावजूद वह भारत में अपने कारोबार को आगे बढ़ाना जारी रखेगा।