नियमित वेतन पाने वाले व्यक्ति आमतौर पर प्रीमियम के भुगतान में चुनौतियों का सामना नहीं करते हैं, जैसी कि व्यवसायी, स्वनियोजित पेशेवर व्यक्तियों के अलावा अधिक परिवर्तनशील वेतन पाने वाले लोगों को करना पड़ता है।
अप्रत्याशित आय के प्रवाह के कारण ऐसे व्यक्ति अकसर जीवन बीमा प्लान खरीदने के लिए अनिच्छुक रहते हैं। इसके चलते उनके परिवार वित्तीय रूप से असुरक्षित होते हैं, क्योंकि उनकी गैर मौजूदगी में मौजूदा खर्चों और भावी जरूरतों के लिए निवेश करने के लिए आय नहीं होती है।
इस लिए जहां बीमा प्लान लेना परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, वहीं इससे जुड़ी कुछ मूलभूत बातों का पालन करना भी जरूरी है, ताकि यह बीमा कवर बना रहे।
समय पर करें प्रीमियम का भुगतान
जब आप एक जीवन बीमा प्लान खरीदते हैं, तब आपको अपने प्रीमियम का समय पर भुगतान करने की जरूरत होती है। चाहे प्रीमियम के भुगतान का मोड वार्षिक, तिमाही या मासिक हो।
यदि आप देय तारीख को प्रीमियम का भुगतान करने से चूक जाते हैं, तो आपको एक रियायत अवधि मिलती है। यह आमतौर पर मासिक प्रीमियम भुगतान मोड के लिए 15 दिन की तथा तिमाही, छमाही और वार्षिक प्रीमियम मोड के लिए 30 दिनों की होती है।
जीवन बीमा सुरक्षा इस अवधि के दौरान सक्रिय रहती है तथा इस रियायत अवधि में प्रीमियम का भुगतान करने की जरूरत होती है। यदि आप आगे और विलंब करते हैं, तो पॉलिसी निरस्त हो जाती है तथा जीवन सुरक्षा बाधित हो जाती है अर्थात आपके परिवार को मृत्यु के लाभ नहीं मिलते है यदि आपके साथ अनहोनी हो जाती है।
जीवन बीमा प्लान पर विचार करते समय यह अनियमित आय वाले व्यक्तियों के लिए तथा उन्हें मार्गदर्शन देने की कोशिश करने वाले बीमा सलाहकारों के दिमाग में होता है। परिवार की नकद आय के प्रवाह को समझदारी से हैंडल करके इस मुद्दे को काबू में किया जा सकता है।