आर्थिक अनिश्चितता के बीच त्योहारी मौसम रहने और नियोक्ताओं द्वारा अधिक सतर्कता बरतने से इस साल नवंबर में रोजगार के नए अवसर कम उपलब्ध हुए। इस साल अक्तूबर के मुकाबले नवंबर में नियुक्तियों से जुड़ी गतिविधियों में 4 फीसदी कम दर्ज की गई। इंफ्रा, फार्मा और बीपीओ को छोड़कर सभी सेक्टरों में सुस्ती बनी रही। वहीं, महानगरों में कोलकाता का रुझान रोजगार से जुड़ी गतिविधियों में सर्वाधिक सकारात्मक रहा।
ऑनलाइन जॉब पोर्टल नौकरी डॉट कॉम के अनुसार भारतीयों उद्योगों ने नवंबर माह में नियुक्तियां अक्तूबर की तुलना में 4 फीसदी कम की हैं। फार्म, निर्माण और बीपीओ क्षेत्र को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में नियुक्ति गतिविधि में कमी दर्ज की गई। फार्मा क्षेत्र में नवंबर माह में 7 फीसदी अधिक नियुक्तियां की गईं। जबकि निर्माण और बीपीओ क्षेत्र में नियुक्तियों की गतिविधियां लगभग स्थिर रहीं।
नियुक्तियों के मामले में सबसे अधिक निराशा दूरसंचार क्षेत्र से हुई। दूरसंचार क्षेत्र का सूचकांक अक्तूबर के मुकाबले नवंबर में 20 फीसदी कम हुआ। ऑटो, बीमा, तेल एवं गैस और बैंकिंग में नियुक्ति गतिविधियां कम हुईं और यह 5 से 9 फीसदी के दायरे में रही। देश में रोजगार के सबसे अधिक अवसर उपलब्ध कराने वाले आईटी व सॉफ्टवेयर उद्योग में नियुक्तियों की गतिविधियां लगातार पांच माह से सुस्त बनी हुई हैं।
रोजगार के माहौल में आई इस गिरावट की मुख्य वजह पूरे महीने चला त्योहारों का मौसम रहा। इसके अलावा, आर्थिक अनिश्चितता और नियोक्ताओं द्वारा अधिक सतर्कता बरतना भी नियुक्तियों की गतिविधियों में आई गिरावट की एक बड़ी वजह रहा। बता दें, नौकरी डॉट कॉम इंफोएज समूह का हिस्सा है।
इंफोएज इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक हितेश ओबेराय का कहना है कि त्योहारों के दौरान नियुक्तियों में आमतौर पर कमी होती है। हालांकि, इस साल नियोक्ता सतर्क हैं। आर्थिक अनिश्चितता की वजह से भी नौकरियों के परिदृश्य पर विपरीत असर दिखाई दे रहा है।
कोलकाता में हुई बढ़ोतरी
महानगरों की बात की जाए तो नवंबर के दौरान कोलकाता और हैदराबाद में ही नई नौकरियों से जुड़ी गतिविधियों में सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन शहरों में अक्तूबर के मुकाबले नवंबर में नियुक्तियों की गतिविधियों में क्रमश: 5 और 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं मुंबई, पुणे और दिल्ली में इस अवधि के दौरान क्रमश: 9, 6 और 3 फीसदी का नकारात्मक रुख दर्ज किया गया। चेन्नई में नियुक्ति में एक फीसदी की मामूली वृद्धि हुई जबकि बंगलूरू में नियुक्तियों का स्तर स्थिर बना रहा।