देश के निजी क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक एचडीएफसी एक अप्रैल से अपने ग्राहकों से इंस्टाअलर्ट एसएमएस सेवा के लिए शुल्क वसूल करेगा।
इस सेवा के तहत बैंक अपने अकाउंट धारकों के खाते की गतिविधियों पर तत्काल एसएमएस भेजता है। ग्राहकों को इंस्टाअलर्ट सेवा के लिए अब हर तिमाही 15 से 25 रुपये चुकाने होंगे।
बैंक की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2013 से इंस्टाअलर्ट के तहत पंजीकृत ग्राहकों से शुल्क लिया जाएगा। हालांकि ई मेल के जरिए भेजे जाने वाले अलर्ट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
बैंक सैलरी या सेविंग अकाउंट धारकों से इस सेवा के लिए प्रति तिमाही 15 रुपये का शुल्क वसूल करेगा, जबकि करंट (चालू) खाते के ग्राहकों से 25 रुपये तिमाही शुल्क लिया जाएगा।
बैंक की इंस्टाअलर्ट सेवाओं के जरिए ग्राहकों को विभिन्न भुगतान तथा प्राप्तियों, हर तरह के बिलों के भुगतान के लिए सूचना, खाते में बैलेंस तय सीमा से नीचे जाने तथा अन्य गतिविधियों की एसएमएस के जरिए जानकारी मिलती है।
बैंक का कहना है कि डेबिट और क्रेडिट कार्ड से ट्रांजेक्शन पर अलर्ट नियामक के दिशानिर्देशों के अनुसार भेजा जाता है और साथ ही नेटबैंकिंग के जरिए ट्रांजेक्शन पर भेजा जाने वाला अलर्ट भी इंस्टाअलर्ट सेवा का हिस्सा नहीं है।
बैंक के मुताबिक जिन ग्राहकों ने इंस्टाअलर्ट सेवा के लिए पंजीयन नहीं कराया है वह इन अलर्ट को निशुल्क प्राप्त करते रहेंगे। एचडीएफसी बैंक के निवासी और अनिवासी दोनों ग्राहक अपने सेविंग और करंट अकाउंट पर इंस्टाअलर्ट सेवा के लिए पात्र हैं।
सामान्यत: ग्राहक एक निश्चित राशि से अधिक के जमा एवं निकासी, न्यूनतम फंड से नीचे बैलेंस जाने और साप्ताहिक अकाउंट बैलेंस की जानकारी के लिए इंस्टाअलर्ट सेवाओं के लिए पंजीयन कराते हैं।